Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने अपने चुनावी वादों में से एक महत्त्वपूर्ण वादे को पूरा कर दिया है। राज्य में तेंदूपत्ता एकत्र करने का काम आदिवासी समुदाय के लोग करते हैं। छत्तीसगढ़ ने तेंदूपत्ता एकत्र करने के एवज में मिलने वाला मेहताना बढ़ाकर 5500 रुपये कर दिया है ,इसके अलावा विवाहित महिला को वित्तीय मदद देने के लिए 'महतारी वंदन योजना' को भी लागू करने की सरकार ने हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इन फैसलों को लागू करने की मंजूरी दे दी है।

साय कैबिनेट ने पीएम नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए राज्य में तेंदूपत्ता एकत्र करने वाले परिवारों के हित में महत्वपूर्ण फैसला किया गया. इसके तहत जंगलों से तेंदूपत्ता एकत्र करने के बदले में पारिश्रमिक 4000 रुपये प्रति बोरा मिलता था. विष्णुदेव सरकार ने इसे बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति बोरा कर दिया है।
इस मद में बढ़ी हुई राशि को देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार 'तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना' शुरू करेगी। कैबिनेट की बैठक में इस योजना को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस नई योजना के संचालन के लिए सरकार द्वारा 75 प्रतिशत एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि Financial Aid के रूप में प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित महिलाओं को एक हजार रुपये प्रतिमाह अर्थात सालाना 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध करवाई जाएगी।


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