Jharkhand: झारखंड में सामाजिक सुरक्षा के तहत मनरेगा अन्तर्गत सृजित पद के विरुद्ध कार्यरत प्रति कर्मी को राज्य सरकार द्वारा दो साल के लिए 05 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिए जाने और दुर्घटना से मृत्यु के उपरांत उनके वैध उत्तराधिकारी को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

राज्य के वरिष्ठ अधिकारीयों ने बताया कि दुर्घटना में मृत्यु अथवा अप्राकृतिक मृत्यु (हत्या सहित) होने अथवा स्थायी रूप से विकलांग और अंगभंग हो जाने पर पहले राशि 75 हजार रुपये दिये जाते थे, जिसे बढ़ाकर 02 लाख रुपया कर दिया गया है। दुर्घटना में आंशिक रूप से विकलांग होने पर पहले 37,500 रुपये दिये जाते थे, जिसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दिया गया है। सामान्य मृत्यु होने पर पहले 30 हजार रुपये दिये जाते थे, जिसे बढ़ाकर 01 लाख रुपये कर दिये गये हैं। वहीं मनरेगा योजना अन्तर्गत निर्मित डोभा, कुआँ में डूबने से मनरेगा वाले मृतकों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान पहले 50 हजार रुपये दिये जाते थे, जिसे बढ़ाकर 01 लाख रूपया कर दिया गया है।
इसी प्रकार मनरेगा अन्तर्गत बिरसा सिंचाई कूप संवर्द्धन मिशन के माध्यम से राज्य भर में कुल 01 लाख कूपों का निर्माण 15 नवम्बर, 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 में 50 हजार एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 (15 नवम्बर, 2024 तक) में 50 हजार कूप का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना है।
मनरेगा के सामाजिक अंकेक्षण रिर्पोट के आधार पर बीते 04 वर्षों में 803 मामलों में कुल 40,43,136 रुपये की रिकवरी की गई है। इसके साथ कार्रवाई के रूप में 04 प्रकरणों में प्राथमिकी दर्ज की गयी है, 4570 कर्मियों पर अर्थदण्ड और 02 कर्मियों को सेवामुक्त किया गया है। बीते 04 वर्षों में 08.01.2024 तक वित्तीय वर्षवार 2897 पंचायतों का सामाजिक अंकेक्षण किया जा चुका है।इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 97.83 प्रतिशत निर्माण पूर्ण कर लिए गए हैं। 2016-2022 तक इस योजना के तहत 15,92,171 आवासों की स्वीकृति दी गयी थी। इसमें से 15,57,730 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
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