मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार लगातार मध्य प्रदेश के हर जिले को विकास में नंबर वन बनाने की तैयारी कर रही है। यही कारण है कि, मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले के विकास का खास प्लान मोहन सरकार ने तैयार कर लिया है, जिसके अंतर्गत मोहन सरकार प्रदेश के अलग-अलग जिलों को अलग-अलग सौगात देती नजर आ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि, प्रदेश में विकास के कार्य निरंतर चलते रहें। हर जिले में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए रोड मैप तैयार कर लिया जाए। जिले के विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रवार भी विकास कार्यों का विभाजन कर लिया जाए। आगामी चार-पांच वर्षों के लिए यह रोड मैप तैयार किया जाए। विकास कार्यों को प्राथमिकता निर्धारित कर पूरा करने की योजना भी बनाई जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं को पात्रतानुसार मिले। कोई भी हितग्राही जनहितैषी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सबसे अधिक लगभग चार करोड़ आयुष्मान कार्ड बने हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपलब्धि के लिये जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बधाई दी। प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना का हितग्राहियों को वृहद स्तर पर लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन पर जनप्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से ध्यान देकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, एक जिला-एक उत्पाद योजना की मार्केटिंग हो। रोजगारपरक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की बेहतर भूमिका रहे। जल-गंगा संवर्धन अभियान और पौधरोपण अभियान बड़े पैमाने पर चलता रहे। पौधरोपण अभियान के तहत अच्छे छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि, जबलपुर, इंदौर, भोपाल सहित विभिन्न जिलों में वृहद स्तर पर पौधे लगाने का कार्य अच्छा हुआ हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, स्कूल चलें अभियान, कॉलेज चलें अभियान के अंतर्गत कोई भी विद्यार्थी प्रवेश से वंचित न रहे। आंगनवाड़ियों का संचालन बेहतर हो। आंगनवाड़ियों में केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए प्रशिक्षण जल्द शुरू होगा। अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावास और आश्रमों का भी भ्रमण कर जनप्रतिनिधि व्यवस्थाएं सुधारने में सहयोग करें। सभी स्थानीय निकायों के कार्यालय नियमित रूप से खुलें। जन प्रतिनिधियों का जिला प्रशासन से अच्छा समन्वय हो।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, प्रदेश में कानून व्यवस्था की बेहतर स्थिति के लिए समुचित प्रबंध सुनिश्चित करें। गौ-वंश अधिनियम के अंतर्गत गौ-वंश के अवैध परिवहन पर सख्ती से कार्यवाही की जाए। राज्य सरकार ने गौ-शालाओं को दी जाने वाली राशि दोगुनी कर दी है। प्रदेश में एक हजार गौ-शालाओं का संचालन किया जाना है। कोई भी गौ-माता बाहर सड़कों पर न घूमें, इसके लिए सब मिलकर प्रयास करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाढ़ से बचाव संबंधी सभी उपाय पहले से ही सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व संबंधी कार्यों का निराकरण शीघ्रता से करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में श्री अन्न (कोदो-कुटकी) को बढ़ावा देने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-जनप्रतिनिधि सरकार के अंग हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में बेहतर समन्वय रहे। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने के समुचित उपाय किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि, आदर्श विधान सभाएं बनाने के लिए जरूरी विकास कार्य और उपाय सुनिश्चित किए जाएं। जिला स्तर पर बैठक कर विकास कार्यों का रोड मैप तैयार करें। उन्होंने कहा कि आगामी त्योहारों पर कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी बनी रहे। सांसद और विधायक आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए ऐसी व्यवस्था बनाएं कि वे अपने कार्यालय से ही व्यक्तिगत रूप से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर सकें।
ये भी पढ़े- CM मोहन यादव की अमित शाह से हुई मुलाकात, इस अभियान में शामिल होने पर बात


Click it and Unblock the Notifications