Delhi News: दिल्ली में बिना लाइसेंस प्लेसमेंट एजेंसी चलाने के वालों की अब खैर नहीं है। बेलगाम एजेंसियों को लेकर दिल्ली सरकार कड़ा रुख अपनाने वाली है। मिली जानकारी के मुताबिक श्रम कानून की अनदेखी कर चलाई जा रही अवैध एजेंसियों पर अब 50 हजार रुपये का चालान किया जाएगा।

दिल्ली सरकार का श्रम विभाग ऐसी एजेंसियों को लेकर अभियान चलाएगा, इससे पहले विभाग ने बिना लाइसेंस के चल रही ऐसी एजेंसियों को लाइसेंस लेने का अवसर दिया है। दिल्ली में बड़े पैमाने पर प्लेसमेंट एजेंसियां चल रही हैं। जानकारों के मुताबिक इनकी संख्या हजार से अधिक है, किन्तु लाइसेंस बहुत कम के पास है।
बताया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना हो जाने पर जब घरेलू सहायक को रखवाने वाली प्लेसमेंट एजेंसी तक जांच पहुंचती है,तो बमुश्किल पांच % ही लाइसेंस वाली मिलती हैं, अन्यथा अवैध एजेंसी ही होती हैं। दिल्ली पुलिस भी कई अवसरों पर दिल्ली सरकार से इस बारे में अनुरोध कर चुकी है कि इन लोगों पर श्रम विभाग के नियम सख्ती से लागू कराए जाएं।
मिली जानकारी के मुताबिक श्रम विभाग अवैध रूप से चल रहीं एजेंसियों को कानून के दायरे में लाने के लिए पिछले कुछ महीने से विचार कर रहा है। इस संबंध में अब विभाग ने कदम उठाते हुए घरेलू कामगार उपलब्ध कराने वाली सभी निजी प्लेसमेंट एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वह दिल्ली प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी (विनियमन) आदेश 2014 के तहत ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाएं।
ज्ञात हो कि बिना पंजीकरण और लाइसेंस प्राप्त किए घरेलू कामगारों की तैनाती दिल्ली प्राइवेट प्लेसमेंट एजेंसी (विनियमन) आदेश 2014 का उल्लंघन है, जिसके लिए 50 हजार रुपये के जुर्माना का प्रावधान है। यह भी जानना जरूरी है कि घरेलू कामगारों व बाल श्रम के शोषण को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर लगभग तीन साल पहले नौ सदस्यीय समिति गठित की गई थी, समिति इस मुद्दे पर कार्य कर रही है।
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