Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि डीएमएफ की राशि का उपयोग खनन प्रभावितों के लिए होना चाहिए। प्रभावितों के शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल जैसी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में यह राशि प्राथमिकता के साथ खर्च होनी चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने शुक्रवार मंत्रालय महानदी भवन में खनिज विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज और गतिविधियों की समीक्षा के दौरान यह बातें कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से प्रदेश में खनिज के भंडारण, उत्खनन, इसके उपयोग और आपूर्ति सहित विभागीय कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।सीएम विष्णुदेव साय ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों का विपुल भंडार मौजूद है और इससे प्रदेश को बड़े राजस्व की प्राप्ति भी होती है। देश की खनिज जरूरतों को पूरा करने में प्रदेश अग्रणी है। हमें कार्ययोजना तैयार कर संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना होगा। देश के साथ-साथ प्रदेश के विकास में इन संसाधनों का समुचित लाभ मिले, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री साय ने बहुमूल्य खनिज जैसे सोना और हीरे के भंडारण, लिथियम, यूरेनियम, ग्रेफाइट और कोल बेड मीथेन आदि के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने खनिजों की उपलब्धता का आकलन करने और उत्खनन की प्रक्रिया में विभागीय भूमिका पर भी चर्चा की। सीएम साय ने कहा कि रेयर अर्थ एलिमेंट के प्रदेश में भंडारण भी उपलब्ध है, इनके उत्खनन की दिशा में प्रभावी कदम उठाएं जाएं।
सीएम साय ने छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक मात्रा में उपलब्ध खनिज कोयले के भंडारण और इसकी आपूर्ति के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली। साथ ही उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध गौण खनिजों के उत्खनन के लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं को लेकर चर्चा की। बैठक में खनिज विभाग के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे।


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