Jharkhand: झारखंड में सहायक आचार्य के 26,001 पदों पर होने वाली नियुक्ति में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक अहार्ता के लिए तय न्यूनतम प्राप्तांकों में छूट मिलेगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसे लेकर नियुक्ति नियमावली में बदलाव किया है।

इसके पश्चात झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने भी नियुक्ति से संबंधित विवरणिका में संशोधन करते हुए इस छूट को शामिल कर लिया है। इस संशोधन से आयोग द्वारा दफा फिर ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक जारी किया जाएगा, ताकि इस छूट का लाभ मिलने से नए अभ्यर्थी भी इस पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन कर सकें।
इस संशोधन के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग तथा सभी श्रेणी के दिव्यांग कोटि के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के न्यूनतम प्राप्तांक में पांच % की छूट दी जाएगी। इसी तरह विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के अभ्यर्थियों को आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के न्यूनतम प्राप्तांक में सात % की छूट दी जाएगी।
ज्ञात हो कि सहायक आचार्य के पदों पर नियुक्ति के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 50 % के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य किया गया है। कुछ मामले में यह न्यूनतम अंक प्रतिशत 45 %निर्धारित की गई है। इसमें ही आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को निर्धारित अंक %की छूट प्रदान की जाएगी।
अब अधिक तादाद में पारा शिक्षक सहायक आचार्य बन सकेंगे। सनद रहे कि पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा में विभिन्न पत्रों की परीक्षा में अंकों की अनिवार्यता से छूट प्रदान की है। नियुक्ति परीक्षा में पूर्व पत्र में माध्यमिक परीक्षा के अनुरूप मातृभाषा विषय में न्यूनतम 30 % अंक लाना अनिवार्य किया गया है।
इसी प्रकार चौथे पत्र में 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य किया गया है, किंतु पारा शिक्षकों के मामले में यह अनिवार्यता लागू नहीं होगी। साथ ही सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हेतु कोटिवार न्यूनतम प्राप्तांक की बाध्यता भी पारा शिक्षकों पर लागू नहीं होगी। जरूरी न्यूनतम अंक की सीमा नहीं होने से अधिक पारा शिक्षकों का चयन सहायक आचार्य के पद पर हो सकेगा। बता दें कि इस परीक्षा में 50 % पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं।
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