दिल्ली में सीएनजी का इस्तेमाल फ्यूल के तौर पर होता है। आमतौर पर गाड़ियों में सीएनजी का यूज किया जाता है। सीएनजी का इस्तेमाल पेट्रोल और डीजल के मुकाबले में सस्ता भी होता है और ये पर्यावरण के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद भी होता है। पर्यावरण में सीएनजी के जरिए इससे चलने वाली गाड़ियां भी कम आवाज करती हैं, और ध्वनि प्रदूषण कम होता है। सीएनजी की कीमतें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों द्वारा तय किया जाता है। उदाहरण के लिए IGL, MGL इन कंपनियों द्वारा सीएनजी की कीमतें तय की जाती हैं। सीएनजी के रेट में उतार चढ़ाव होने से इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ता है। सीएनजी का इस्तेमाल फैक्ट्रियों और घरों में भी ईंधन के रूप में किया जाता है।
सीएनजी या संपीड़ित प्राकृतिक गैस क्रैंककेस तेल को दूषित या पतला नहीं करती है और इसलिए यह इंजन को एक नया जीवन देती है। सीएनजी में सीसे की मौजूदगी न होने से प्लग को खराब होने से बचाने में मदद मिलेगी, जिससे प्लग का जीवनकाल बढ़ेगा। चूंकि सीएनजी ईंधन के रूप में गैसीय रूप में इंजन में प्रवेश करती है, सीएनजी के दहन के दौरान कोई कार्बन उत्पन्न नहीं होगा, इस प्रकार इससे टूट-फूट की संभावना कम हो जाएगी।