Income Tax : ये हैं टैक्स बचाने के सबसे अच्छे तरीके, तेजी से बढ़ता है पैसा

आप अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के नाम पर निवेश करके न केवल उनका भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं बल्कि इस तरीके से अपना टैक्स भी बचा सकते हैं।

नई द‍िल्‍ली: आप अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चों के नाम पर निवेश करके न केवल उनका भविष्य सुरक्षित बना सकते हैं बल्कि इस तरीके से अपना टैक्स भी बचा सकते हैं। जी हां सीनियर सिटीजंस को सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉजिट से 50 हजार रुपये तक के ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है। अगर ब्याज इस लिमिट से अधिक भी हो जाता है तो उन्हें आपके मुकाबले बहुत कम टैक्स देना पड़ता है। इसी तरह आप पत्नी को लोन देकर सेविंग्स कर सकते हैं। ITR : 31 दिसंबर है लास्ट डेट, जानिए समय से रिटर्न भरने के फायदे ये भी पढ़ें

These Are The Best Ways To Save Tax

टैक्स बचाने में आपका परिवार कर सकता है मदद
इनकम टैक्स में बचत करने के लिए लोग I-T एक्ट के सेक्शन 80C के तहत अधिक से अधिक निवेश करने की कोशिश करते हैं। इस में सेक्शन 80C (एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी आदि), 80D (मेडिक्लेम), 80G (डोनेशन) शामिल हैं। तो चलि‍ए आज हम आपको बता दें कि इनकम टैक्स बचत में आपका परिवार आपकी मदद कैसे कर सकता है।

 बच्चों से जरि‍ए बचा सकते है टैक्स

बच्चों से जरि‍ए बचा सकते है टैक्स

स्कूल फीस
सेक्शन 80C के तहत बच्चों की ट्यूशन फीस के लिए 1.5 लाख रुपये तक डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसे दो बच्चों तक के लिए लिया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना में भी दो बच्चों तक के लिए निवेश इसी सेक्शन के तहत फायदा ले सकते हैं।

एजुकेशन लोन
बच्चों के लिए लिए गए एजुकेशन लोन के लिए आप सेक्शन 80E के तहत टैक्स डिडक्शन को क्लेम किया जा सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदें

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदें

अगर आप अपने लाइफ पार्टनर और बच्चों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान करते हैं तो आप टैक्स बचा सकते हैं। सेक्शन 80D के तहत 25,000 रुपये तक का डिडक्शन लिया जा सकता है। माता-पिता के लिए प्रीमियम का भुगतान करके भी अतिरिक्त डिडक्शन मिलता है। माता-पिता अगर सीनियर सिटीजन हैं, तो 50,000 रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

 माता-पिता को किराये का भुगतान

माता-पिता को किराये का भुगतान

आप अगर माता-पिता के घर में रहते हैं तो आप टैक्स बचा सकते हैं। इसके लिए आपको माता-पिता को किराया देना होता है। टैक्स डिडक्शन का HRA छूट बेनेफिट के तौर पर फायदा लिया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है घर का स्वामित्व माता-पिता के पास हो और आप उनके साथ भागीदार नहीं हों। आपको HRA बेनेफिट नहीं मिलता, तो आप सेक्शन 80GG के तहत टैक्स बेनेफिट के लिए दावा कर सकते हैं।

 पत्नी से कैसे मिलेगा फायदा

पत्नी से कैसे मिलेगा फायदा

अगर पति-पत्नी ने किसी मकान के लिए लोन लिया है और वे उसमें रह रहे हैं तो वे दोनों चुकाए गए ब्याज और मूलधन पर कर छूट का दावा सकते हैं। इस तरह धारा 80सी (प्रिंसिपल) और 24 (ब्याज) के तहत 7 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है। यह लोन की अमाउंट पर निर्भर है।

 माता-पिता के नाम पर करें निवेश

माता-पिता के नाम पर करें निवेश

टैक्स बचत के लिए माता-पिता को कुछ पैसे तोहफे में दें। माता-पिता के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट खोला जा सकता है। माता-पिता अगर आपके मुकाबले कम टैक्स स्लैब में आते हैं, तो एफडी पर भुगतान किए जाना वाला ब्याज आपके मुकाबले कम रहेगा। अगर आप अपने नाम पर वही एफडी खोलेंगे, तो आपको ज्यादा टैक्स का भुगतान करना पड़ेगा। इन पैसों को सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, पोस्ट ऑफिस या दूसरी टैक्स सेविंग स्कीम्स में निवेश किया जा सकता है। सीनियर सिटीजंस को सेविंग्स या फिक्स्ड डिपॉजिट से 50 हजार रुपये तक के ब्याज पर टैक्स नहीं लगता है। अगर ब्याज इस लिमिट से अधिक भी हो जाता है तो उन्हें आपके मुकाबले बहुत कम टैक्स देना पड़ता है। इस तरह धारा 80टीटीबी के तहत 50 हजार से 2.50 लाख रुपये तक की सेविंग हो सकती है। 60 साल से कम उम्र के लिए लोगों के लिए कर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये है जबकि 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए यह 3 लाख रुपये और 80 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए 5 लाख रुपये है।

बता दें अगर आपने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो ये खबर जरुरी है। महामारी के कारण वित्त मंत्रालय ने करदाताओं को टैक्स भरने में राहत दिया है, जिसके बाद अब 31 दिसंबर तक इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भरा जा सकता है। और जिनके अकाउंट्स का ऑडिट नहीं हुआ है, उनके लिए यह 31 जनवरी 2021 है।

 

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