आज के समय में हर कोई खुद का घर लेना चाहता है पर महंगाई के इस दौर में घर लेना या खुद का आशियाना लेना आसान नहीं है। ऐसे में आपके घर लेने के सपने को पूरा करता है होम लोन।
नई दिल्ली: आज के समय में हर कोई खुद का घर लेना चाहता है पर महंगाई के इस दौर में घर लेना या खुद का आशियाना लेना आसान नहीं है। ऐसे में आपके घर लेने के सपने को पूरा करता है होम लोन। बहुत से लोग घर खरीदने के लिए होम लोन की मदद लेते हैं। किसानों को Loan देने के लिए अब सैटेलाइट का होगा इस्तेमाल, इस Bank ने शुरू की पहल ये भी पढ़ें

अगर आप भी होम लोन लेने की सोच रहे हैं, आप ब्याज दर जरूर देखेंगे। इस गिरती ब्याज दर व्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी लिमिटेड सहित लगभग सभी बैंकों ने अपने होम लोन की दरों में कटौती की हैं कुछ बैंकों की दरें 7 फीसदी से भी नीचे आ गईं हैं, जो कि होम लोन लेने वालों के लिए बहुत अच्छा मौका साबित हो सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि कौन से बैंक हैं, जो 7 फीसदी से कम सालाना ब्याज दर पर होम लोन दे रहे है।
यूबीआई दे रहा सबसे सस्ता होम लोन
यूबीआई ने अपनी होम लोन ब्याज दर 6.7 फीसदी तक घटा दी हैं। यूबीआई की होम लोन ब्याज दर ईबीएलआर से लिंक्ड है। ध्यान रहे कि इस कम ब्याज दर पर होम लोन उन्हीं ग्राहकों को मिलेगा जिनका सिबिल स्कोर 700 से अधिक हो। वहीं यूबीआई में ही जॉब करने वाली महिला, जिसका सिबिल स्कोर 700 से अधिक है, को 6.70 फीसदी पर होम लोन मिलेगा। बैंक में नौकरी करने वाले पुरूष को 6.75 फीसदी पर होम लोन मिलेगा। इसके अलावा नॉन-सेलेरिड को भी 6.90 फीसदी की दर पर होम लोन मिल जाएगा।
इन बैंकों में मिल रही है सबसे कम ब्याज दर पर होम लोन
बैंक ऑफ बड़ौदा- 6.85 फीसदी
बैंक ऑफ इंडिया- 6.85 फीसदी
सेंट्रल बैंक- 6.85 फीसदी
केनरा बैंक- 6.90 फीसदी
पंजाब एंड सिंध बैंक- 6.90 फीसदी
यूको बैंक- 6.90 फीसदी
एचडीएफसी लिमिटेड- 6.90 फीसदी
एचडीएफसी बैंक- 6.95 फीसदी
एसबीाई- 6.95 फीसदी
आईसीआईसीआई बैंक- 6.95 फीसदी
पंजाब नेशनल बैंक- 7 फीसदी
लोन लेते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
अगर आप भी होम लोन लेने का तो सोच रहे तो इन बातों का ध्यान दें। होमलोन लेते समय सिर्फ कम ब्याज दर पर ही ध्यान नहीं देना चाहिए। ब्याज दर के अलावा आपको लेंडर्स की विश्वसनीयता और अन्य चार्जेज की भी जांच करनी होगी, जो कि हर बैंक में अलग-अलग हो सकते हैं। इसके साथ ही क्रेडिट स्कोर में बदलाव के साथ रिस्क प्रीमियम में भी बदलाव आता है। तो अगर आपने होम लोन लिया है, तो क्रेडिट कार्ड के भुगतान में देरी जैसी लापरवाहियों से आप पर होम लोन ईएमआई का बोझ बढ़ सकता है। इसलिए आप तिमाही के मुताबिक अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते रहें।
जानिए कैसे तय होता है क्रेडिट स्कोर
क्रेडिट स्कोर तैयार करने में कुछ जरूरी बातों का खास ध्यान देना होता है। वक्त पर कर्ज चुकाने के लिए क्रेडिट स्कोर में 30 फीसदी हिस्सेदारी होती है। इसके साथ ही सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड लोन की 25 फीसदी हिस्सेदारी होती है। सिक्योर्ड लोन जैसे कार लोन या होम लोन आदि शामिल होता है। वहीं, अनसिक्योर्ड लोन में पर्सनल लोन आदि शामिल होता है। क्रेडिट स्कोर में क्रेडिट एक्सपोजर 25 फीसदी होता है। जबकि, कर्ज के इस्तेमाल के लिए क्रेडिट स्कोर में 20 फीसदी की हिस्सेदारी होती है।
सिबिल स्कोर सुधार जाएगा
वहीं अच्छे क्रेडिट स्कोर के लिए आपको कुछ बातों को जरूर ध्यान में रखना चाहिए। जैसे आप अपने क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट का इस्तेमाल न करें। क्रेडिट कार्ड से ज्यादा लोन न लें। बहुत सारे लोन के लिए आवेदन न करें। होम लोन और ऑटो लोन को अहमियत दें। पर्सनल लोन लेने से बचें। क्रेडिट कार्ड बंद करने से बचें। ज्वाइंट अकाउंट खातों की समीक्षा करें। सिबिल स्कोर की समीक्षा करते रहें।
जान लें क्या है सिबिल स्कोर
सिबिल स्कोर से पिछले कर्ज की जानकारी मिलती है। इसलिए बैंक से कर्ज और क्रेडिट कार्ड लेने के लिए अच्छा सिबिल स्कोर होना जरूरी होता है। नियमित कर्ज चुकाने से क्रेडिट स्कोर अच्छा रहता है। सिबिल स्कोर 300 से 900 अंकों के बीच होता है। अगर स्कोर 750 अंक या उससे ज्यादा होता है तब कर्ज मिलना आसान होता है। जितना अच्छा सिबिल स्कोर होता है, उतनी ही आसानी से कर्ज मिलता है। सिबिल स्कोर 24 महीने की क्रेडिट हिस्ट्री के हिसाब से बनता है।


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