किसानों को तुरंत लोन देने के लिए अब सैटेलाइट का इस्तेमाल हो रहा है। देश के चौथे नंबर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने अब किसानों को कर्ज देने के लिए तकनीक का सहारा लिया है।
नई दिल्ली: किसानों को तुरंत लोन देने के लिए अब सैटेलाइट का इस्तेमाल हो रहा है। देश के चौथे नंबर के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई बैंक ने अब किसानों को कर्ज देने के लिए तकनीक का सहारा लिया है। बैंक किसानों को कर्ज अब सेटेलाइट के जरिए खेतों की पिक्चर लेकर दे रहा है। किसानों से सीधे खरीदें अनाज, दाल और सब्जी, होम डिलीवरी की भी सुविधा ये भी पढ़ें

खेत की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों की मदद से उसकी वित्तीय स्थिति का पता लगाया जा रहा है। बैंक का कहना है कि इस कदम से उसे खर्च घटाने में मदद मिली है। इसके अलावा लोन की मंजूरी में भी कम समय लग रहा है। भारत में इस तरह की पहल करने वाला आईसीआईसीआई बैंक पहला बैंक है। वैश्विक स्तर पर भी कुछ ही बैंक किसानों को लोन देने के फैसले लेने के लिए इस तरह की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
500 से अधिक गांवों में शुरू हुई सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल
आईसीआईसीआई बैंक ने बयान में कहा कि किसानों की ऋण पात्रता का आकलन करने के लिए बैंक अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स की मदद से सैटेलाइट डेटा इमेजरी का इस्तेमाल करेगा। इस डेटा से भूमि, सिंचाई, फसल पद्धति से जुड़े पैरामीटर्स का आकलन किया जा सकेगा। इसके साथ ही किसानों को लोन देने के फैसले जल्द करने के लिए डेमोग्राफिक व फाइनेंशियल पैरामीटर्स के कॉम्बिनेशन में इस्तेमाल किया जा सकेगा। बैंक ने कहा कि सैटेलाइट डेटा से किसानों का क्रेडिट असेसमेंट कुछ ही दिनों में किया जा सकेगा, जिसे करने में आमतोर पर मैक्सिमम 15 दिन लगते हैं। यह भी कहा कि बैंक पिछले कुछ महीनों से महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के 500 से अधिक गांवों में सैटेलाइट डेटा का इस्तेमाल कर रहा है। आईसीआईसीआई बैंक की योजना इस पहल को जल्द ही देश के 63000 से अधिक गांवों में विस्तारित करने की है।
लोन लेने वाले किसानों की क्षमता का लगेगा पता
इस इनोवेटिव टेक्नोलॉजी से उन किसानों को भी अपनी पात्रता बढ़ाने में मदद मिलेगी जिन्होंने पहले से कर्ज ले रखा है, जबकि नया कर्ज लेने वाले किसानों की कर्ज तक पहुंच आसान होगी। इतना ही नहीं इस पहल के लिए बैंक ने एग्री-फिनटेक कंपनियों से हाथ मिलाया है, जिनका स्पेस टेक्नोलॉजी और वेदर इनफॉरमेशन के कमर्शियल इस्तेमाल में स्पेशलाइजेशन है। सैटेलाइन इमेजरी से कृषि भूमि से जुड़ी विभिन्न डिटेल्स को कॉन्टैक्टलेस तरीके से ट्रैक किया जा सकेगा। आमतौर पर इसके लिए ग्राहक या बैंक के प्रतिनिधि को खुद से जाकर जमीन की लोकेशन, सिंचाई का स्तर, फसल की गुणवत्ता के पैटर्न आदि पैरामीटर्स का आकलन करने के लिए खुद जाना होता है, तब जाकर किसान की भविष्य में आय का अनुमान लगता है। इस टेक्नोलॉजी में लोन लेने के लिए किसान की क्षमता का पता लगाया जाता है।
जल्द मिलेगी लोन की मंजूरी
आईसीआईसीआई बैंक के कार्यकारी निदेशक ने कहा कि सैटेलाइट इमेज का इस्तेमाल करने से बैंक के खर्च में कमी आएगी। इसके साथ ही लोन की मंजूरी में लगने वाले समय में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कुछ ही दिन में लोन मंजूर हो रहा है। आम तौर पर लोन मंजूर होने में 15 दिन का समय लग जाता है। बैंक की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे प्रमुख सैटेलाइट डेटा में पिछले सालों के बारिश व तापमान के डेटा, पिछले सालों का मिट्टी में नमी का स्तर, सतही जल की उपलब्धता; फसल बुवाई में ट्रेंड जैसे फसल का नाम, अस्थायी बुवाई व कटाई सप्ताह शामिल हैं। इसके अलावा फसल का स्वास्थ्य व पैदावार; कृषि भूमि की लोकेशन डिटेल्स जैसे अक्षांश, देशांतर, जमीन की बाउंड्री; निकटतम गोदाम व मंडी को भी सैटेलाइट इमेजरी से मॉनिटर किया जा रहा है।


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