नयी दिल्ली। एसबीआई ने अपने बैंकिंग सिस्टम में 5 बड़े बदलाव किये हैं। अगर आप एसबीआई ग्राहक हैं तो आपके लिए इन सभी बदलावों को जानना बहुत जरूरी है। इनमें कुछ बदलाव आपके लिए फायदेमंद हैं तो कुछ नुकसान देने वाले भी हैं। एसबीआई की तरफ से बदले गये नियम एफडी, न्यूनतम मासिक बैलेंस, लोन पर ब्याज दर, लॉकर का किराया और बचत जमा पर ब्याज दर से संबंधित हैं। आइये नजर डालते हैं देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई द्वारा किये गये बदलावों पर।
आपकी बचत जमा पर कम हुई ब्याज दर
एसबीआई ने अपने ग्राहकों को झटका देते हुए बचत जमा पर ब्याज दर घटा दी है। एसबीआई के इस फैसले इसके बचत खाताधारकों को सीधा नुकसान होगा। एसबीआई ने सभी बचत खातों के लिए ब्याज दर घटा कर एक समान 3 फीसदी कर दी है। अभी तक एसबीआई बचत खाते में 1 लाख रुपये तक की जमा पर 3.25 फीसदी ब्याज देता है। वहीं 1 लाख रुपये से अधिक की जमा पर ब्याज दर 3 फीसदी ही है। अब जिन लोगों के बचत खाते में 1 लाख रुपये से कम जमा होंगे उन्हें भी सालाना 3 फीसदी ब्याज ही मिलेगा।
लॉकर का किराया बढ़ाया़
अगर आप एसबीआई ग्राहक हैं और इसकी लॉकर सर्विस का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अब इसके लिए अधिक चार्ज देना होगा। एसबीआई सभी तरह के लॉकरों का किराया बढ़ा रहा है। बैंक ने लॉकरों के साइज के हिसाब से 33 फीसदी तक किराया बढ़ाने का फैसला लिया है। नया बढ़ा हुआ किराया 31 मार्च से लागू होगा। एसबीआई 4 प्रकार के लॉकर ऑफर करता है, जिनमें स्मॉल, मीडियम, लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज शामिल हैं। एसबीआई शहरी, अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों से हिसाब से लॉकर का किराया बढ़ाने जा रहा है।
एफडी पर कम मिलेगा ब्याज
एसबीआई ने एफडी जमा पर ब्याज दर भी घटा दी है। नये बदलाव के अनुसार 7 दिनों से 45 दिनों की एफडी पर अब 4 फीसदी ब्याज मिलेगा। अब तक इस अवधि के लिए 4.5 फीसदी ब्याज दर थी। साथ ही एक वर्ष से 5 वर्ष से कम और 5 साल से 10 साल तक के लिए एफडी पर भी अब 5.9 फीसदी ब्याज दर होगी, जो अभी तक 6 फीसदी थी। एसबीआई वरिष्ठ नागरिकों को एफडी पर 50 आधार अंक अधिक ब्याज दर देता रहेगा।
खत्म की न्यूनतम बैलेंस की जरूरत
एसबीआई ने अपने खाताधारकों के लिए मासिक औसत न्यूनतम बैलेंस की जरूरत को खत्म कर दिया है। इससे एसबीआई के ग्राहक अब जीरो बैलेंस सुविधा का आनंद ले सकेंगे और अपने खाते से सभी पैसे निकाल सकेंगे। मौजूदा नियमों के अनुसार एसबीआई के मेट्रो शहर के खाताधारकों को अपने खाते में औसत मासिक बैलेंस के रूप में 3000 रुपये रखने होते हैं। वहीं अर्ध शहरी क्षेत्रों में ये सीमा 2000 रुपये और ग्रामीण इलाकों में 1000 रुपये है। एसबीआई मासिक बैलेंस न रखने पर ग्राहकों पर 5 से 15 रुपये + टैक्स का जुर्माना लगाता है।
लोन पर घटायी ब्याज दर
एसबीआई ने लोन पर ब्याज दर (एमसीएलआर) भी घटा दी है। एक दिन और एक महीने के लोन पर ब्याज 15 आधार अंक घटा कर 7.45 फीसदी कर दी गयी है। वहीं तीन महीने के लिए 7.65 फीसदी से घटा कर 7.50 फीसदी और एक साल के लिए 7.85 फीसदी से घटा कर 7.75 फीसदी ब्याज कर दी गयी है। वहीं दो साल के लोन लिए ब्याज दर 8.05 फीसदी से घटा कर 7.95 फीसदी और तीन साल के लिए 8.15 फीसदी से घटा कर 8.05 फीसदी ब्याज दर कर दी गयी है।
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