रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। रिजर्व बैंक ने अब डिजिटल माध्यम द्वारा बैकिंग को 24 घंटे के लिए खोल दिया है।
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। रिजर्व बैंक ने अब डिजिटल माध्यम द्वारा बैकिंग को 24 घंटे के लिए खोल दिया है। जी हां कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच और लोगों में इसे लेकर दहशत को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कल यानी सोमवार को बताया कि आम जनता के लिए गैर-नकद डिजिटल भुगतान विकल्प जैसे (एनईएफटी, आईएमपीएस, यूपीआई और बीबीपीएस) फंड ट्रांसफर, सामान खरीदने/ सेवाओं की खरीद, भुगतान की सुविधा के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। RBI : होली में नोटों पर लग गया रंग, तो ऐसे लें नए नोट ये भी पढ़ें
24 घंटे कर सकते हैं NEFT, IMPS, UPI से पेमेंट
देशों की सरकारों से लेकर कंपनियों और आम आदमी तक हर कोई अपने स्तर पर इसे फैलने से रोकने की कवायद में जुटा है। आपको इस बात से भी अवगत करा दें कि भारत में इसके मरीजों की संख्या 114 हो चुकी है। दुनिया के 137 से भी ज्यादा देश कोरोना वायरस (COVID-19) से जंग लड़ रहे हैं। दुनियाभर में वायरस के कारण 6500 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। वहीं संक्रमित लोगों की संख्या एक लाख 73 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में आरबीआई ने भी अपनी तरफ से कदम उठाया है। आरबीआई ने लोगों को कैश के इस्तेमाल से बचने को कहा है और डिजिटल ट्रांजेक्शन के ज्यादा इस्तेमाल पर जोर दिया है। आरबीआई ने आम लोगों को जानकारी दी है कि नकदी रहित डिजिटल पेमेंट विकल्प जैसे एनईएफटी, आईएमपीएस, यूपीआई और बीबीपीएस 24 घंटे उपलब्ध हैं। जिसके जरिए कभी भी फंड ट्रांसफर, सामान की खरीदारी, सर्विसेज का लाभ, बिलों का पेमेंट आदि किया जा सकता है।
ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करने की अपील : आरबीआई
आरबीआई की माने तो लोग इन डिजिटल पेमेंट्स मोड का इस्तेमाल अपनी सुविधानुसार घर से ऑनलाइन माध्यमों जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड, आदि के जरिए सकते हैं। ऐसा कर कैश के इस्तेमाल से बचें, जिसके लिए उन्हें पैसे भेजने या बिल का भुगतान करने के लिए भीड़भाड़ भरी जगहों पर जाने की जरूरत होती है। इतना ही नहीं आरबीआई ने लोगों से अपील की है कि आप भुगतान के लिए मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड आदि का इस्तेमाल करें। आरबीआई की ओर से कहा गया है कि कैश के इस्तेमाल के लिए आपको भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाना पड़ सकता है। बता दें कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार युद्ध स्तर पर कदम उठा रही है और लोगों से अपील कर रही है कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए दिए जा रहे दिशानिर्देश का पालन करें। देश के तमाम राज्यों में स्कूल, कॉलेज, कोंचिंग, शॉपिंग मॉल आदि को बंद कर दिया गया है।
नोटों के जरिए संक्रमित होने का बड़ा खतरा
जानकारी दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) कह चुका है कि नकदी यानी नोटों, क्रेडिट और डेबिट कार्ड के जरिए भी कोरोना वायरस फैल सकता है। ऐसा माना जाता है कि नोवल कोरोना वायरस कई दिनों तक सतह पर अपनी पूरी एक्टिव स्टेट में रह सकता है। ऐसी स्थिति में रोजाना लोगों का फिजिकल कैश देने से संक्रमित होने का बड़ा खतरा है। लिहाजा डिजिटल पेमेंट इस मायने में भी फायदेमंद है। वहीं डब्लूएचओ ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कॉन्टैक्ट लेस पेमेंट का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।
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