देश की जनता पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है। एक तो पहले से ही आम लोगों को बड़े-बड़े झटके लग चुके हैं। इनमें ईपीएफ पर ब्याज दर में कमी, दूध के दाम में इजाफा जैसी चीजें शामिल हैं।
नई दिल्ली, मार्च 24। देश की जनता पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है। एक तो पहले से ही आम लोगों को बड़े-बड़े झटके लग चुके हैं। इनमें ईपीएफ पर ब्याज दर में कमी, दूध के दाम में इजाफा जैसी चीजें शामिल हैं। इन फैसलों का असर आम लोगों की जेब पर देखने को मिल रहा है। इसी बीच अब बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमत झटका देने वाली है। एक तरफ जहां पिछले 2 साल से जहां लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी की कमाई जहां घटी है वहीं पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से सरकार से करोड़ो की कमाई की है। 31 मार्च से पहले कर लें EPFO से जुड़ा ये काम, वरना अटक जाएगा पैसा

100 रुपए कीमत चुकाने पर 52 रुपए सरकार के पास जाता
जी हां सुनकर थोड़ा अजीब जरुर लगेगा पर यही सच्चाई है। ऐसे समझे जब आप 100 रुपए का पेट्रोल डलवाते हैं तो इसमें से 52 रुपए टैक्स के रूप में सरकार की जेब में जाता है। इससे आम लोगों की जेब खाली हुई, वहीं, सरकार का खजाना तेजी से भरता गया। इस तरह हम ये कह सकते है कि अगर सरकार चाहे तो टैक्स में कटौती करके आम आदमी को राहत दे सकती है।
टैक्स वसूली में महाराष्ट्र नंबर 1 पर
देश के तमाम राज्यों की तरह महाराष्ट्र में भी पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। बात करें महाराष्ट्र की तो यहां अगर आप 100 रुपए का पेट्रोल डलवाते हैं तो इसमें से 52.50 रुपए केंद्र व राज्य सरकार की जेब में जाते हैं। ऐसे ही अगर आप दिल्ली में 100 रुपए का पेट्रोल भरवाते हैं तो इसमें से 45.3 रुपए सरकार की जेब में जाते हैं। कुल मिला कर आप ये देखेंगे कि आधी कमाई सरकार की हो रही है। वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहने वाला है। ऐसे में आम आदमी पर महंगाई की तेज मार पड़ने वाली है। लेकिन सरकार चाहे तो टैक्स में कटौती कर राहत दे सकती है।
टैक्स के बाद बंपर महंगा हो जाता है पेट्रोल
पेट्रोल का बेस प्राइज पर जो अभी 49 रुपए के करीब है, इस पर केंद्र सरकार 27.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें इस पर अपने हिसाब से वैट और सेस वसूलती हैं, जिसके बाद इनका दाम बेस प्राइज से 3 गुना तक बढ़ गया है। ऐसे में बिना टैक्स में राहत दिए पेट्रोल के दाम कम कर पाना मुमकिन नहीं है। ऐसे समझे
पेट्रोल/लीटर (रु.) डीजल/लीटर (रु.)
- बेस प्राइस 47.99 49.34
- भाड़ा 0.25 0.28
- एक्साइज ड्यूटी 27.90 21.80
- डीलर कमीशन 3.77 2.57
- वैट 15.50 12.68
- कुल कीमत 95.41 86.67
नोट: जानकारी दें कि ये आंकड़े 16 मार्च को दिल्ली में पेट्रोल-डीजल की कीमत के हिसाब से हैं।
पेट्रोल-डीजल पर टैक्स से लगभग 8 लाख करोड़ रु की कमाई
एक तरफ महामारी ने जहां लोगों की नौकरी छीन ली है, मुश्किल से दिन बिता रहें लोगों को दूसरी तरफ महंगाई पछाड़े हुए है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर खूब कमाई की है। बीते 3 सालों में जहां एक ओर प्रति व्यक्ति सालाना आय 1.26 लाख रुपए से घटकर 99,155 रुपए सालाना पर आ गई है वहीं सरकार की एक्साइज ड्यूटी से कमाई 2,10,282 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,71,908 करोड़ पर पहुंच गई है। बीते 3 साल में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स (एक्साइज ड्यूटी) लगाकर सरकार ने 8 लाख करोड़ से ज्यादा की कमाई की है।
सरकार में 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई
जानकारी दें कि सरकार एक्साइज ड्यूटी के जरिए टैक्स लेती है। मई 2014 में जब मोदी सरकार आई थी, तब केंद्र सरकार एक लीटर पेट्रोल पर 10.38 रुपए और डीजल पर 4.52 रुपए टैक्स वसूलती थी। ये टैक्स एक्साइज ड्यूटी के रूप में लिया जाता है। मोदी सरकार में 13 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है, लेकिन घटी सिर्फ 4 बार। इस वक्त एक लीटर पेट्रोल पर 27.90 रुपए और डीजल पर 21.80 रुपए एक्साइज ड्यूटी लगती है। इस तरह सरकार पेट्रोल पर तीन गुना और डीजल पर 6 गुना टैक्स बढ़ा चुकी है।


Click it and Unblock the Notifications