भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आए दिन नए नया कदम उठा रहा है। इंडियन रेलवे ने 3 टायर नॉन एसी स्लीपर क्लास और अनारक्षित जनरल क्लास कोच को एसी कोच में तब्दील करने का फैसला किया
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आए दिन नए नया कदम उठा रहा है। इंडियन रेलवे ने 3 टायर नॉन एसी स्लीपर क्लास और अनारक्षित जनरल क्लास कोच को एसी कोच में तब्दील करने का फैसला किया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इस कदम से पूरी ट्रेन, एसी ट्रेन हो जाएगी। Kisan Rail : जानिए फायदे, कैसे बढ़ा देगी किसानों की आय ये भी पढ़ें

हालांकि लोगों को फिर भी कम कीमत पर सफर करने की सुविधा रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन का अपग्रेडेड स्लीपर क्लास कोच इकोनॉमिकल एसी 3 टायर क्लास कोच बन जाएगा। यह एसी-3 टायर क्लास और नॉन एसी स्लीपर क्लास कोच के बीच की कैटेगरी का कोच होगा।
हर कोच को बनाने में खर्च होगा 3 करोड़ रुपए
वहीं जानकारी के मुताबिक, कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री को अपग्रेडेड स्लीपर क्लास कोच के प्रोटोटाइप को तैयार करने का काम सौंपा गया है। अपग्रेडेड कोच में मौजूदा 72 बर्थ के बजाय 83 बर्थ होंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अपग्रेडेड कोच को एसी-3 टायर टूरिस्ट क्लास कोच कहा जा सकता है। यह एक सस्ते एसी 3 टायर क्लास की तरह होगा। पहले चरण में लगभग 230 ऐसे कोच बनाए जाएंगे। वहीं अनुमान है कि इनमें से हर एक कोच की लागत लगभग 2.8-3 करोड़ रुपये आएगी। यह रेलवे के मौजूदा एसी 3 टायर क्लास कोच पर आने वाली मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट से करीब 10 फीसदी अधिक है।
जनरल क्लास का 100 सीटर एसी क्लास कोच में होगा अपग्रेड
वहीं अगर अनारक्षित जनरल क्लास कोच की बात करें तो ट्रेन के ये कोच 100 सीटर एसी क्लास कोच में अपग्रेड किए जाएंगे। अभी इनकी डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस प्रॉजेक्ट पर काम कर रहे अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती डिजाइन में प्रति कोच 105 सीट का प्रावधान था। कोचेस को अपग्रेड करने के पीछे भारतीय रेलवे का मकसद ऑल एसी मॉडल की दिशा में धीरे-धीरे बढ़ना है। हालांकि इस बारे में औपचारिक फैसला होना अभी बाकी है। बेहतर स्पीड और सुरक्षा के लिए दोनों तरह के अपग्रेडेड कोच एलएचबी प्लेटफॉर्म पर बनाए जाएंगे।
पहले भी तैयार की जा चुकी है ऐसी योजना
बता दें कि 2004-09 के बीच यूपीए-I सरकार के दौरान ने इकोनॉमिकल एसी 3-टियर क्लास डिब्बों को तैयार करने के बारे में योजना तैयार की थी। उसी समय गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेनें लॉन्च हुई थीं, जिन्हें एसी इकोनॉमी क्लास कहा गया। हालांकि, यात्रियों ने इसमें सफर के दौरान परेशानी की बात कही। इसके साथ ही ट्रेन में भीड़भाड़ की स्थिति भी पैदा होने लगी। फिर बाद में इस तरह के कोच का उत्पादन बंद कर दिया गया।
12 सितंबर से शुरू होंगी 80 ट्रेनें
दूसरी तरफ आपको इस बात की भी जानकारी दें कि भारतीय रेलवे 12 सितंबर से 80 स्पेशल ट्रेनें चलाने वाली है। इन नई आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेनों के लिए बुकिंग या रिजर्वेशन 10 सितंबर से शुरू होगा। इससे पहले भारतीय रेलवे ने मई में आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेनों को पहली बार शुरू किया था। मई में रेलवे ने 30 एसी आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेन सर्विसेज और जून में 200 स्पेशल ट्रेन सर्विसेज को लाया गया था। उस समय से भारतीय रेलवे इन 230 आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेनों की मांग और इसमें मुसाफिरों की संख्या की देखरेख कर रहा है।


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