Kisan Rail : जानिए फायदे, कैसे बढ़ा देगी किसानों की आय

कोरोनावायरस के संक्रमण के बीच देश में वैसे तो स्पेशल ट्रेने चलाई गई लेकिन अब किसानों के लिए एक खास ट्रेन चलाई जा रही है।

नई द‍िल्‍ली: कोरोनावायरस के संक्रमण के बीच देश में वैसे तो स्पेशल ट्रेने चलाई गई लेकिन अब किसानों के लिए एक खास ट्रेन चलाई जा रही है। भारतीय रेलवे ने एक अहम कदम उठाते हुए आज यानी 07 अगस्त से किसान रेल की शुरुआत कर दी है।

Indias First Kisan Rail Was Launched These Trains Will Run On These Routes

भारतीय रेल का किसानों को तोहफा
देश की पहली किसान ट्रेन को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई गई। भारतीय रेलवे की यह पहली किसान ट्रेन महाराष्ट्र के देवलाली (नासिक) से 07 अगस्त को रवाना होकर बिहार के दानापुर पहुंचेगी। यह ट्रेन खानपान की वस्तुओं के साथ अगले दिन वापस लौटेगी। किसान रेल से किसानों के जल्द खराब होने वाले सामान को समय पर पहुंचाया जाएगा। इस तरह के ट्रेन चलाने की घोषणा इसी साल के बजट में की गई थी। यह ट्रेन फिलहाल साप्ताहिक होगी जिसमें 11 पार्सल डब्बे लगाए गए हैं। इस ट्रेन की मदद से किसानों के द्वारा मेहनत से पैदा किए गए ताजा सब्जी, फल, फूल और मछली देश में एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने का काम किया जाएगा।

जानि‍ए ट्रेन कहां से कहां तक चलेगी

जानि‍ए ट्रेन कहां से कहां तक चलेगी

यह ट्रेन महाराष्ट्र से बिहार तक के लिए चल रही है। यह ट्रेन सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के देवलाली स्टेशन से रवाना हुई और बिहार के दानापुर स्टेशन तक जाएगी। पहली किसान रेल सुबह 11 बजे देवलाली से चलकर अगले दिन शाम 06:45 पर दानापुर पहुंचेगी। यानी यह 1519 किलोमीटर का सफर 31:45 घंटे में पूरा करेगी। इस यात्रा के दौरान किसान रेल करीब 1,519 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। देवलाली से चलने के बाद यह ट्रेन नासिक रोड़, मनमाड़, जलगांव, भुसावल, बुरहानपुर, खंडवा, इटारसी, जबलपुर, सतना, कटनी, मणिकपुर, प्रयागराज, पं दीनदयाल उपाध्याय नगर और बक्सर में रुकेगी।

 किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य

किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य

किसान रेल में रेफ्रिजरेटेड कोच लगे होंगे। इसे रेलवे ने 17 टन की क्षमता के साथ नए डिजायन के रूप में निर्मित करवाया है। इसे रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला में बनाया गया है. इस ट्रेन में कंटेनर फ्रीज की तरह होंगे। मतलब यह एक चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज होगा, इसमें किसान खराब होने वाले सब्जी, फल, फिश, मीट, मिल्क रख सकेंगे। बता दें के कृषि मंत्रालय का कहना है कि यह प्रयास किसानों की आमदनी को दोगुना करने के लिहाज से किया गया है। रेलवे के इस प्रयास को सरकार के उस लक्ष्य से ही जोड़कर देखा जा रहा है जिसके तहत कहा गया था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी की जाएगी। इससे सब्जियों, फलों, मांस, मछली और दूध जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों को इनके पैदावार वाले इलाकों से उन इलाकों में पहुंचाया जाएगा जहां इनका अच्छा बाजार है।

 किसान ट्रेन की शुरुआत

किसान ट्रेन की शुरुआत

भारतीय रेलवे और कृषि मंत्रालय के संयुक्त प्रयास के बाद स्पेशल किसान ट्रेन की शुरुआत की जा रही है। यह स्पेशल पार्सल ट्रेन की तरह होगी। इसमें किसान और व्यापारी इच्छा के अनुरूप माल की लदान कर सकेंगे। मालूम हो कि इसका भाड़ा रियायती होगा। किसान रेल पूरी पार्सल ट्रेन होगी, जिसमें किसानों का अनाज, फल, सब्जियां आदि लाने और ले जाया जाएगा। अब तक फल सब्जी आदि एक जगह से दूसरी जगह सड़क से होते हुए ट्रकों में जाता है, इसमें ज़रूरत से ज्यादा वक़्त लगता है। तब तक फल सब्जी खराब होने और नुकसान होने का खतरा रहता है।

 किसान इस तरह करें संपर्क

किसान इस तरह करें संपर्क

वहीं इस बात का भी उम्मीद की जा रही है कि ऐसे ट्रेन से किसानों को अपना सामान बेचने में बड़ा फायदा होगा। इसके साथ ही रेलवे जल्द ही कुछ और रूट पर किसान रेल शुरू कर सकता है। इन गाड़ियों में पार्सल बुकिंग के लिए किसान रेलवे स्टेशन पर संपर्क कर सकते हैं। मध्य रेलवे ने पार्सल बुकिंग के लिए कुछ फोन नंबर उपलब्ध कराए हैं। सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर, भुसावल- 7219611950, डिप्टी चीफ कमर्शियल मैनेजर, फ्रेट सर्विसेज- 8828110963, असिस्टेंट कमर्शियल मैनेजर, फ्रेट सर्विसेज- 8828110983, चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर, फ्रेट सर्विसेज- 7972279217 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

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