नई दिल्ली, अगस्त 4। म्यूचुअल फंड में एसआईपी को निवेश का एक अच्छा तरीका माना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं कि एसआईपी 7 तरीके की होती है। यहां हम आपको उन सातों तरीके की एसआईपी के बारे में बताएंगे। पहला तरीका है रेगुलर एसआईपी। रेगुलर एसआईपी को सामान्य एसआईपी भी कहा जा सकता है। इसमें आप एक निश्चित राशि एक निश्चित तारीख पर हर महीने जमा करते हैं। यह सुविधाजनक है क्योंकि आप अपने बैंक को हर महीने राशि डेबिट करने के लिए स्थायी निर्देश दे सकते हैं। आगे जानिए बाकी 6 तरीकों के बारे में।
स्टेप-अप एसआईपी
स्टेप-अप भी एसआईपी का आसान रूप है। यह एक ऐसा ऑप्शन है जिसमें आपको साल बीतने के साथ-साथ अपनी निवेश राशि बढ़ाने की सुविधा मिलती है। मगर ये तभी होगा जब आप ऐसा करना चाहते हैं। यह आपको मिलने वाले फंड में भी वृद्धि करेगा। जानकारों के अनुसार लोग कुछ हजार से एसआईपी शुरू करते हैं, लेकिन जीवन में आगे बढ़ने पर इस राशि की समीक्षा करना भूल जाते हैं। एसआईपी का यह रूप आपको अपनी निवेश राशि बढ़ाने और अपनी वित्तीय योजना को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने की सुविधा देता है।
फ्लेक्सी एसआईपी या स्मार्ट एसआईपी
फ्लेक्सी एसआईपी आपको तब अधिक निवेश करने देती है जब बाजार हाई हो, और तब भी जब बाजार नीचे हो। नीचे पर इसलिए क्योंकि लोन स्तर पर खरीदने और उच्च पर बेचना एक बेसिक रूल है। इसीलिए इसे स्मार्ट एसआईपी भी कहा जाता है।
ट्रिगर एसआईपी
ट्रिगर एसआईपी बाजारों में होने वाली एक घटना पर आधारित है। उदाहरण के लिए, यदि सेंसेक्स या निफ्टी में कुछ % की गिरावट आती है, तो आप निवेश करना चाह सकते हैं, यदि किसी फंड की एयूएम गिरती है तो आप अपनी एसआईपी राशि बढ़ाना चाह सकते हैं। इस प्रकार की एसआईपी आपके लिए यह सुविधा प्रदान करता है कि आप मौके का फायदा उठा सकते हैं।
परपेचुअल (स्थिर या लगातार) एसआईपी
जैसा कि नाम से पता चलता है, यह एक मैच्योरिटी तिथि के बिना वाली एसआईपी है और जब तक आप निवेश करना चाहते हैं तब तक जारी रहती है। युवा निवेशकों के लिए स्थायी एसआईपी सबसे उपयुक्त हैं क्योंकि वे आम तौर पर लंबी अवधि के साथ निवेश करते हैं।
बीमा के साथ एसआईपी
कई म्यूचुअल फंड हाउस एसआईपी के माध्यम से अपनी योजनाओं में निवेश करने वाले लोगों को अतिरिक्त सुविधा के रूप में मुफ्त टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्रदान करते हैं। इसे एसआईपी बीमा कहा जाता है, जो अनिवार्य रूप से निवेशकों की मौजूदा बीमा योजना के लिए टॉप-अप के रूप में काम करती है। जीवन बीमा कवरेज एसआईपी की राशि से जुड़ा होती है और तब तक जारी रहती है जब तक निवेशक निवेश रखता है।
मल्टी एसआईपी
यह आपको एक ही इंस्ट्रूमेंट के माध्यम से फंड हाउस की कई योजनाओं में निवेश करने की सुविधा देती है और एक आसान तरीके से डायवर्सिफाई पोर्टफोलियो बनाने का एक शानदार तरीका प्रदान करती है। मल्टी एसआईपी निवेशकों के लिए कागजी कार्रवाई को कम करती है, निवेश का विश्वास बढ़ाती है और एक साथ कई वित्तीय जरूरतों के लिए निवेश योजना बनाने की सुविधा देती है।
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