देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 9152 पहुंच गई है। कोरोनावायरस महामारी को लेकर देशभर में 25 मार्च से 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया गया था, जो कि 14 अप्रैल यानि कल समाप्त हो रहा
नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 9152 पहुंच गई है। कोरोनावायरस महामारी को लेकर देशभर में 25 मार्च से 21 दिन के लॉकडाउन का एलान किया गया था, जो कि 14 अप्रैल यानि कल समाप्त हो रहा है। कोरोना के अभी बढ़ते मामलों को देखते हुए देश में पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत करीब 6 राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने का एलान कर दिया है। लॉकडाउन के चलते डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया जा रहा है ताकि बैंक जाने से बचा जा सके। ऐसे में ऑनलाइन बैंकिंग या फाइनेंशियल गतिविधियों के बीच यह बेहद जरूरी है कि आपकी अपनी फाइनेंशियल जानकारियां सुरक्षित रहे। यह किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। वहीं जानकारों का कहना है कि हर व्यक्ति को सेफ बैंकिंग सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि कोई आपकी जानकारियों का गलत इस्तेमाल न कर सके। इसके लिए खुद एक्टिव रहना जरूरी है। आईडीआईबीआई बैंक ने इस संबंध में कुछ तरीके बताए हैं जिससे लोगों को ऐसा करने में मदद मिल सकती है।

ऐसे सेफ रखें अपनी जानकारियां
- आईडीआईबीआई बैंक ने अपनी टिप्स में सावधान करते हुए कहा है कि अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको खासतौर पर सतर्क रहना चाहिए।
- अगर वेब पेज या ऐप आपके बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट और ऐप नहीं है तो ठहरिये। इसका इस्तेमाल मत कीजिए।
- ऐसे वेबसाइट पर लॉग इन करने से पहले सोच लें।
- यह वेबसाइट या ऐप एक फर्जी या धोखा देने वाले साबित हो सकते हैं।
- वहीं अगर आपको ऐसा लगता है तो आप अपने बैंक को इसकी सूचना दें।
- बैंक का यह भी कहना है कि ऑफिशियल वेबसाइट या बैंक ऐप के बाद जो भी कस्टमर केयर नंबर हैं वह सुरक्षित नहीं हैं।
- आप उनके झांसे में आ सकते हैं और आपकी गाढ़ी कमाई के पैसे खो सकते हैं।
- आपको बता दें कि जानकारों का कहना है कि हमेशा 'https' सिम्बल वाली या यूआरएल में सेफ्टी सिम्बल को परखने के बाद ही वेबसाइट में लॉग इन करें।
- कभी भी किसी को कार्ड डिटेल, सीवीवी या ओटीपी शेयर न करें।
- भले ही सामने वाला आपसे कह रहा हो कि वह आपके बैंक की तरफ से बात कर रहा है।
- ईमेल पर आए किसी भी संदिग्ध लगने वाले लिंक या अटैचमेंच को ओपन न करें।
ऑनलाइन पेमेंट के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- पैसे ट्रांसफर करते वक्त रिसीवर का बैंक अकाउंट नंबर सही से चेक करें।
- जल्दबाजी में बैंक अकाउंट नंबर डालते वक्त गलती से एक भी डिजिट इधर-उधर हो जाने पर आपका पैसा गलत अकाउंट में ट्रांसफर हो सकता है।
- इतना ही नहीं हो सके तो पैसे भेजने के पहले अकाउंट बेनिफिसरी एड करें, ताकि आपको बार-बार ट्रांसफर करने में सहुलित हो।
- वहीं पहली दफा दूसरे के अकाउंट में पैसे भेजने की शुरूआत कम राशि से करें, ताकि अगर पैसे गलत अकाउंट में चल जाएं तो नुकासान कम से कम हो।
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