अगर आपने भी अपना सोना बैंक लॉकर में रखा है तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों के हितों को देखते हुए बैंक लॉकर्स से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं।
नई दिल्ली, फरवरी 25। अगर आपने भी अपना सोना बैंक लॉकर में रखा है तो ये खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ग्राहकों के हितों को देखते हुए बैंक लॉकर्स से जुड़े नए नियम लागू कर दिए हैं। अगर आप बैंकों के लॉकर में पैसे, गहने, जेवरात या जरूरी कागजात रखते हैं, तो आपको ये नियम जानना बेहद जरूरी है। लोग अपने आभूषण और अन्य कीमती सामान बैंक लॉकर में रखते हैं, ताकि ये महंगे समान सुरक्षित रहें। Gold Loan : नहीं होगी पैसों की दिक्कत, इन बैंकों में मिल रहा सबसे सस्ता गोल्ड लोन

सालाना फीस का 100 गुना तक दिया जाएगा हर्जाना
दरअसल, बैंकों की तुलना में हमारे घरों में चोरी या खोने की संभावना अधिक रहती है। वहीं दूसरी ओर रिजर्व बैंक ने जनवरी, 2022 से लागू किए इस नियम में के तहत बैंक में आगजनी, चोरी, भवन ढहने या बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने पर ग्राहकों को मिलने वाले हर्जाने की सीमा तय कर दी है। अब ऐसे परिस्थितियों में ग्राहक को बैंक लॉकर की सुविधा के लिए दी जाने वाली सालाना फीस का 100 गुना तक हर्जाना दिया जाएगा। इसका मतलब है कि बैंक आपसे सालाना 5,000 रुपये लॉकर फीस लेता है, तो आपको अधिकतम 5,00,000 लाख का हर्जाना दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई तय
आरबीआई ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद बैंक लॉकर को लेकर बैंकों की जवाबदेही तय की है। नए नियम सेफ जमा लॉकर और बैंकों के पास सेफ कस्टडी दोनों पर लागू होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में आरबीआई को 6 महीने के भीतर लॉकर मैनेजमेंट को लेकर सभी बैंकों के लिए एक समान नियम लागू करने के निर्देश दिए थे। बैंकों ने भी अपने लॉकर्स को लेकर नया नियम लागू करना शुरू कर दिया है। बता दें कि एक जनवरी 2023 से बैंक लॉकर होल्डर्स के साथ नए सिरे से एग्रीमेंट शुरू करेंगे।
सामानों की लिस्ट जरुर बनवाएं
बैंक इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) द्वारा ड्राफ्ट लॉकर एग्रीमेंट को लागू करेंगे। सभी सरकारी और निजी बैंक अपने ग्राहकों को लॉकर सुविधा उपलब्ध कराते हैं, जिसके लिए सालाना शुल्क भी वसूलते हैं। आपको तिजोरी में रखे अपने कीमती सामानों की लिस्ट बना लेनी चाहिए। आप इसमें से कुछ निकालते हैं या नया सामान एड करते हैं, तो आपको इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। आपको अपने सामान की जानकारी नहीं होने पर किसी आपात स्थिति में हर्जाने का दावा भी नहीं कर सकेंगे। कोई सामान गायब होने पर भी आपको आसानी से पता चल जाएगा।
लॉकर तोड़ने से पहले बैंक ग्राहको से करेगा संपर्क
लॉकर मालिकों को साल में कम से कम एक बार अपने लॉकर को जरूर खोलना चाहिए। कई साल से लॉकर बंद होने पर बैंक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आपके लॉकर को तोड़ सकता है। हालांकि, ऐसा करने से पहले बैंक को नोटिस भेजना होगा। इसके साथ ही कई साल तक लॉकर बंद रहने पर आपको भी बैंक को इसकी जानकारी देनी होगी। बैंक के लॉकर नियमों के अनुसार लॉकर तोड़ने से पहले बैंक ग्राहक को संपर्क करने की कोशिश करता है। इसमें एसएमएस, कॉल और पत्र द्वारा भी कांटेक्ट किया जाता है। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं मिलता है तो अखबार में बैंक द्वारा नोटिस जारी किया जाता है कि ग्राहक बैंक में आकर अपना लॉकर अनलॉक करें।
इस तरह खोला जाता है लॉकर
अगर इन सभी कोशिशों के बाद भी ग्राहक लॉकर खोलने नहीं आता है तो बैंक गवाहों को शामिल करके लॉकर खोल सकता है. इस पूरी प्रक्रिया में एक बैंक अधिकारी और दो स्वतंत्र लोग शामिल होंगे. इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाती है और लॉकर से मिले सामान को एक लिफाफे में सील कर फायरप्रूफ लॉकर रख दिया जाता है. इसके बाद ग्राहक के आने पर या उसके नॉमिनी को सारा सामान लौटा दिया जाता है.


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