अगर आप भी रेंट हाउस में रहते है या आप भी मकान मालिक है तो आपके लिए वाकई अच्छी खबर है।
नई दिल्ली: अगर आप भी रेंट हाउस में रहते है या आप भी मकान मालिक है तो आपके लिए वाकई अच्छी खबर है। जी हां सरकार आप दोनों के हित में एक अहम फैसला लेने जा रहा है। केंद्र सरकार ने मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को कम करने और ज्यादा से ज्यादा संपत्तियों को किराए पर देने के उद्देश्य से मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। बता दें कि इस ड्राफ्ट में मकान मालिक और किराएदार दोनों के हितों का ख्याल रखा गया है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए देश का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार रेंटल हाउसिंग के लिए आदर्श किराया कानून बनाएगी। उन्होंने कहा कि रेंटल हाउसिंग से जुड़े मौजूदा कानून पुराने हैं और वे संपत्ति मालिक और किरायेदार की दिक्कतों को दूर करने में असमर्थ हैं। सस्ते में मोदी सरकार बेच रही सोना, जल्दी करें बस कल तक का मौका ये भी पढ़ें
मनमर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे मकान मालिक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक मकान मालिक और किरायेदार के वित्तीय रिश्तों और अधिकारों को नए सिरे से परिभाषित किया जाएगा। इससे मकान मालिकों के मनमर्जी से किराया बढ़ाने और रोक-टोक करने के साथ-साथ किरायेदारों को आने वाली कई अन्य परेशानियों पर रोक लगाई जा सकेगी। वित्त मंत्री ने संसद में बताया था कि नए कानून में मकान मालिक के अधिकारों का भी ख्याल रखा जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा कि नए किराया कानून को अंतिम रूप देकर राज्यों को भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बनाया गया मंत्रियों का समूह किराया कानून पर तेजी से काम कर रहा है। खबर है कि जो नया मॉडल तैयार किया गया है वह अंतिम चरण में पहुंच गया है।
मकान-दुकान में 3 महीने के किराए से ज्यादा की सिक्योरिटी नहीं
वहीं सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों के इस समूह में कानून मंत्री और आवासीय मंत्री शामिल हैं। इस मॉडल रेंट एक्ट अधिनियम पर पिछले महीने दो बैठकें हुई थीं। जुलाई के अंत में फिर बैठक होने वाली है। अगस्त में अधिनियम को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना है। नए रेंटल अधिनियम में मकान-दुकान में 3 महीने के किराए से ज्यादा की सिक्योरिटी नहीं होगी। मकान की मरम्मत के बाद किराया बढ़ सकता है, ऐसा प्रस्वात में होने की बात कही जा रही है। किरायेदार मकान को किराये पर नहीं दे सकता। इसके अलावा किराये पर दिए मकान में एंट्री के लिए किराएदार को मकानमालिक को 1 दिन पहले सूचना देनी होगी, उसके बाद ही घर में दाखिल हो सकेगा।
महीनेभर के अंदर मकान मालिक को वापस करनी सिक्योरिटी मनी
वहीं विवाद निपटारे के लिए स्पेशल किराया ट्रिब्यूनल बनाया जाएगा। मकान खाली करने की स्थिति में महीनेभर के अंदर मकान मालिक को सिक्योरिटी मनी वापस करनी होगी। गौरतलब है कि 2019-20 का केन्द्रीय बजट पेश करते हुए 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि 1.54 करोड़ ग्रामीण आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है और 2019-22 तक पीएमएवाई-जी के दूसरे चरण में 1.95 करोड़ आवास पात्र लाभान्वितों को प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है।
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