मोदी सरकार ने बजट 2019 में सोना-चांदी के आयात पर 2 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी।
नई दिल्ली: मोदी सरकार ने बजट 2019 में सोना-चांदी के आयात पर 2 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी। बीते 5 जुलाई को आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोना पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी करने का ऐलान किया। इसके बाद सोना की कीमतों में बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि इस बीच मोदी सरकार आपको सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है।
गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत सस्ता सोना खरीद सकते
सरकार का मकसद सोने के आयात को कम करना है। वहीं दूसरी तरफ सरकार आपको सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। मोदी सरकार ने सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) जारी किया है। जानकारी दें कि यहां आपको बाजार रेट से सस्ता सोना मिलेगा। इस सीरीज में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से सोना की कीमत तय की जाती है। सरकार की सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के तहत आप सस्ता सोना खरीद सकते हैं। डिजिटल मोड की यह स्कीम साल 2015 में शुरू की गई थी। इस स्कीम की सीरीज के तहत समय-समय पर लोगों को सस्ता सोना खरीदने का मौका दिया जाता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम खरीदने का कल तक का मौका
जानकारी दें कि बीते 8 जुलाई से शुरू हुई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की नई सीरीज 12 जुलाई यानी कल तक चलेगी। इसके बाद 16 जुलाई को बॉन्ड जारी किये जाएंगे। इस चरण के बॉन्ड्स के लिए एक ग्राम सोने की कीमत 3,443 रुपये रखी गई है। निवेशकों द्वारा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर और डिजिटल मोड में पेमेंट करने पर 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट मिलेगी। इस तरह सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में ऑनलाइन निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए एक ग्राम सोने की कीमत 3,393 रुपये रह जाएगी। यानी आप सोना को बाजार मूल्य से 94 रुपये कम कीमत पर खरीद सकते हैं।
क्या हैं निवेश करने कि शर्तें?
इस बात से भी आपको अवगत करा दें कि कम से कम एक ग्राम सोना खरीदना होगा। अधिकतम एक शख्स 4 किलोग्राम सोना खरीद सकता है। हर साल इस इंवेस्टमेंट पर 2.5 फीसदी के हिसाब से ब्याज मिलेगा। जानकारी दें, इस इंवेस्टमेंट पर लॉन्ग टर्म में जो कैपिटल गेन करेंगे वह टैक्स फ्री होगा।
1. सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड 8 सालों के लिए होता है।
2. हालांकि, पांच सालों के बाद बाद इसे बेच सकते हैं।
3. जिस दिन आप इस बॉन्ड को बेचना चाहते हैं, (कम से कम पांच साल बाद) उस तारीख से ठीक तीन दिन पहले तक सिम्पल एवरेज प्राइस के हिसाब से बॉन्ड रिडीम होगा।
आपको मालामाल करेगा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
- सरकारी बॉन्ड पर मिलता है सालाना 2.50 फीसदी ब्याज
- इसके साथ ही सोने की कीमतों में तेजी का फायदा
- आप बॉन्ड बैंक, पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध
- सरकारी बॉन्ड में 8 साल के निवेश का प्रावधान
- 5 साल बाद बॉन्ड से बाहर निकलने का विकल्प
- ऑनलाइन भुगतान पर 50 रुपये प्रति ग्राम का डिस्काउंट
आप गोल्ड बॉन्ड कैसे खरीद सकते
- बॉन्ड बैंक, पोस्ट ऑफिस में सरकारी बॉन्ड उपलब्ध
- बीएसई, एनएसई, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन के जरिए खरीद संभव
- आप ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए भी खरीद सकते है।
- बता दें आपको कि सरकार अलग-अलग किश्तों में बॉन्ड जारी करती है।
- इतना ही नहीं तय तारीख के अंदर खरीद के लिए आवेदन करना होगा
- वहीं आवेदन की तारीख खत्म होने के बाद सरकार बॉन्ड जारी करती है।
- इस बात का रखें ध्यान कि कम से कम 1 ग्राम, अधिकतम 4 किलो गोल्ड में निवेश।
5 बड़े फायदे है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के
- यह बॉन्ड पेपर और डीमैट दोनों रूप में मौजूद
- घर में गोल्ड रखने का जोखिम नहीं
- मैच्योरिटी पर निकासी पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं
- पूंजी और ब्याज दोनों की सॉवरेन गारंटी
- बॉन्ड पर लोन लेने का भी विकल्प
क्या है मकसद
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम का मकसद सोने की फिजिकल डिमांड को कम करना है। इसके तहत सोना खरीदकर घर में नहीं रखा जाता है बल्कि बॉन्ड में निवेश के तौर पर इस्तेमाल करना होता है।


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