Life Term Insurance: लाइफ टर्म इंश्योरेंस के तहत इंश्योरेंस होल्डर के निधन के बाद परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है. इस इंश्योरेंस के जरिए इंश्योरेंस होल्डर के परिवार वालों को एक निश्चित राशि मिलती है.
लाइफ टर्म इंश्योरेंस को इंश्योरेंस जीवन बीमा का सबसे शुद्ध भाग माना जाता है. इस इंश्योरेंस में व्यक्ति को केवल निधन के बाद ही बीमा राशि मिलती है. इसके अलावा इसमें बचत या निवेश की कोई सुविधा नहीं होती है. चलिए लाइफ टर्म इंश्योरेंस के बारे में विस्तार से जानते हैं.

इस लाइफ इंश्योरेंस में किसी भी प्रकार का बचत या निवेश का ऑप्शन नहीं दिया जाता, इसलिए इसमें कम प्रीमियम जमा कर उच्च कवेरज प्राप्त कर सकते हैं.
टर्म इंश्योरेंस पॉलिसीधारक और बीमा कंपनी के बीच एक तरह का समझौता है. जिसमें बीमा कंपनी यह सुनश्चित करती है कि इंश्योरेंस होल्डर की मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक सहायता मिलती रहें. लेकिन इसमें इंश्योरेंस होल्डर को जीवित रहते समय कोई लाभ नहीं मिलता.
कैसे करती है ये काम
सबसे पहले आप अपने हिसाब से टर्म लाइफ इंश्योरेंस की एक पॉलिसी खरीदें. पाॉलिसी खरीदने के बाद पॉलिसी होल्डर निश्चित अवधि में प्रीमियम का भुगतान करता रहता है. यदि इसी बीच पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो बीमा कंपनी की तरफ से पॉलिसी होल्डर के परिवार को निश्चित राशि दी जाती है. यह राशि पॉलिसी पर आधारित होती है. इर राशि की सीमा हजार रुपये से लाख रुपये तक हो सकती है.
लाइफ टर्म इंश्योरेंस के कई प्रकार है. आप अपनी जरूरतों के हिसाब से टर्म इंश्योरेंस ले सकते हैं.
लेवल टर्म इंश्योरेंस प्लान
लेवल-टर्म प्लान में पॉलिसी की पूरी अवधि तक प्रीमियम अमाउंट सामान रहता है. इसका मतलब सहमत प्रीमियम और बीमा राशि पॉलिसी की पूरी अवधि तक नहीं बदलेंगे.
घटती अवधि बीमा योजना
घटते टर्म प्लान में, जैसा की इसके नाम से पता चलता है, इसके अंतर्गत ली गई पॉलिसी में बीमा राशि हर साल घटती रहती है. इसके अलावा इस बीमा पॉलिसी का प्रीमियम अन्य योजनाओं की तुलना में कम होता है.
बढ़ती हुई टर्म इंश्योरेंस योजना
यह टर्म इंश्योरेंस, घटती अवधि बीमा योजना का विपरित होता है. इसमें जैसे जैसे पॉलिसी की अवधि समाप्त होने लगती है, वैसे वैसे प्रीमियम अमाउंट बढ़ता रहता है.
रिटर्न प्रीमियम
जब आप रिटर्न प्रीमियम खतरीदते है, तो आपको साल के अंत तक आपके द्वारा भरा गया सभी प्रीमियम प्राप्त हो जाएगा, लेकिन अगर पॉलिसी होल्डर की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार वाले को बीमा राशि मिलती है.
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