नए साल की शरुआत हो चुकी है। साथ ही इस साल यानी कि 2018 की शुरुआत में ही बदल गए हैं कुछ सरकारी नियम। सरकारी नियमों में जो भी बदलाव हुआ है उसका सीधा असर आपके व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ सकता है। ऐसा नहीं कि ये नियम सिर्फ आपको परेशान करने के लिए बदले गए हैं बल्कि इन नए नियमों से आपको कई फायदे भी हो रहे हैं तो वहीं कुछ नुकसान भी। इससे पहले की इनके बारे में जानने में आप काफी लेट हो जाएं सबसे पहले आपको इन 5 नियमों के बारे में जान लेना चाहिए।
भारतीय स्टेट बैंक ने 1 जनवरी 2018 से बेस रेट 8.95 प्रतिशत से घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दिया है। यानी कि बैंक ने बेस रेट में 0.30 प्रतिशत की कटौती की है। तो अगर आपने एसबीआई से बेस रेट पर लोन लिया है तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि बेस रेट में कटौती का फायदा बैंक के पुराने होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन पर सीधे कस्टमर को होगा। इसकी वजह है कि 1 अप्रैल 2016 से सभी बैंक MCLR (मार्जिनल कॉसट लेंडिंग रेट) पर लोन दे रहे हैं। कर्जदारों को राहत, SBI ने बेस रेट में की 30 प्वाइंट्स की कटौती
सरकार ने पिछले महीने यह ऐलान किया था कि 1 जनवरी 2018 से आधार को मोबाइल सिम से घर बैठे लिंक करने करने की सुविधा मिलेगी। यानी कि आप घर बैठे ओटीपी के जरिए सिम कार्ड को आधार से लिंक कर सकते हैं। लेकिन 1 दिन पहले तक अभी इसके लिए कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है। कैसे लिंक करें आधार को मोबाइल नंबर से?
1 जनवरी 2018 से सरकार ने 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट ज्वेलरी की हॉलमार्किंग को भी अनिवार्य करने की बात कह चुकी है। इससे ग्राहकों को गोल्ड ज्वेलरी की शुद्धता को लेकर आसानी होगी। इसकी वजह है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल चरणबद्ध तरीके से हॉलमार्किंग लागू कराना और अनिवार्य बनाना चाहती है। इसके लिए उसने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडड्र्स को सिफारिसें भी भेजी हैं। हॉलमार्क को तीन चरणों में अनिवार्य किया जाएगा, जिसमें 22 शहरों में पहले हॉलमार्क अनिवार्य किया जाएगा।
ये शहरो में मुंबई, नई दिल्ली, नागपुर, पटना जैसे शहर शामिल हैं। दूसरे चरण में 700 शहर और आखिर में देश के बाकी शहरों में इसे लागू किया जाएगा। इस टैग के बिना नहीं बिक सकेगा GOLD
सरकार के नए नियम के अनुसार 1 जनवरी 2018 से डेबिट कार्ड से भुगतान सस्ता हो जाएगा। रिजर्व बैंक द्वारा अब नए MDR चार्ज लागू होंगे। नए नियम के अनुसार अब 20 लाख रुपए तक का सालाना टर्नओवर वालों के लिए एमडीआर 0.40 प्रतिशत तय किया गया है। तो वहीं इससे ज्यादा टर्नओवर वालों के लिए 0.9 प्रतिशत तय किया है। साथ ही सरकार ने 2000 रुपए तक की खरीददारी पर एमडीआर खुद ही वहन करने का फैसला भी कर चुकी है। डेबिट कार्ड से 1000 रुपए से ज्यादा की शॉपिंग हो जाएगी सस्ती
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जनवरी 2018 में जब ईपीएफ पर ब्याज दर तय करने बैठेगा तो उस पर PPF पर ब्याज दर और EPF पर ब्याज दर के बीच संतुलन बनाने का दबाव होगा। पीपीएफ और ईपीएफ के बीच ब्याज दर का गैप बढ़ कर 105 बेसिस प्वाइंट हो गया है। ऐसे में इसका नुकसान ईपीएफओ करोड़ों PF मेंबर्स को कम ब्याज दर के तौर पर उठाना पड़ सकता है। यानी कि EPF पर 2017-18 के लिए इंट्रेस्ट रेट कम हो सकती है। पिछले ईपीएफ पर 8.65 प्रतिशत ब्याज दर घोषित किया गया था। PPF की ब्याज दरों में कटौती, क्या अभी भी निवेश फायदेमंद है?
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