Punjab News: पंजाब सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में सहायक स्वास्थ्य केंद्रों को आम आदमी क्लीनिक में बदलने की योजना बना रही है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अंतर्गत आने वाले ये केंद्र अक्सर दवाओं की कमी और खराब बुनियादी ढांचे से जूझते पाए जाते हैं। ग्रामीण डिस्पेंसरियों को आम आदमी क्लीनिक में बदलने से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं और क्लीनिक सेवाओं की आपूर्ति मजबूत होगी। बल्कि इमारतों का नवीनीकरण भी सुनिश्चित होगा। आम आदमी क्लिनिक लोगों को 84 आवश्यक दवाएं और 40 से अधिक डायगनोस्टिक्स निशुल्क प्रदान करता है।
आपको बता दें कि राज्य में कुल 664 आम आदमी क्लीनिक हैं। जिनमें से 236 शहरी और 428 ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। ये सभी पंजीकरण, डॉक्टर की सलाह, जांच व नुस्खे के अंत से अंत तक डिजीटलाइजेशन के साथ आईटी समर्थ हैं। इन क्लीनिकों में अब तक 80 लाख से अधिक मरीज मुफ्त इलाज का लाभ ले चुके हैं। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अंतर्गत लगभग 550 सहायक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं। इनमें से 50 को पहले ही आम आदमी क्लीनिक में बदल दिया गया है।

विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाकी 500 केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से आम आदमी क्लीनिक में बदल दिया जाएगा। अगले महीने आम आदमी क्लीनिक के चरण-5 को शुरू करने के लिए सूचियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कई ग्रामीण डिस्पेंसरियों को सूची में जोड़े जाने की संभावना है। जहां सरकार ने कहा है कि 100 और आम आदमी क्लीनिक तैयार हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने होशियारपुर, पठानकोट और गुरदासपुर सहित सीमांत क्षेत्रों में 70 और क्लीनिक स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है।
ग्रामीण चिकित्सा अधिकारी संघ के अध्यक्ष डॉ. दीपिंदर भसीन ने कहा कि हम सरकार के इस कदम का स्वागत करते हैं। पंचायतों के अधीन चलने वाली ग्रामीण डिस्पेंसरियां 2006 से ही उपेक्षा का शिकार हो रही हैं। उम्मीद है कि हमें दवाओं की बेहतर आपूर्ति मिलेगी और इमारतें डॉक्टरों और मरीजों के लिए सुरक्षित होंगी। डायग्नोस्टिक सेवाओं से ग्रामीण डिस्पेंसरियों में ग्राहकों की संख्या में वृद्धि होगी।


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