पंजाब सरकार ने गांवों में अलग-अलग शमशान घाट की जगह एक साझा शमशानघाट बनाने का फैसला लिया है। इसके तहत 29 गांवों में शमशान घाट का निर्माण कराया जाएगा।
इसके लिए प्रदेश सरकारने 29 गांवों को 5-5 लाख रुपए का ग्रांट जारी करने का फैसला लिया है। इससे जुड़ी फाइल को ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री एस लालजीत सिंह भुल्लर के पास भेज दी गई है। उनकी मंजूरी के बाद इस फंड को जारी कर दिया जाएगा।

लालजीत भुल्लर ने बताया कि इसके लिए 1.45 करोड़ रुपए की अनुदान राशि को जिला फतेहगढ़ साहिब के गांव शहीदगढ़, सैंपला, मुहम्मदीपुर, धतौंदा, धनौला, पठानकोट के गांव घोह, रोपड़ के झल्लियां कलां, रामपुर के गोपालपुर, संगरुर के खाई, पटियाला के हरचंदपुरा, गज्जूमाजरा, सनौलियां और सुक्खेवाल, तरन तारन के गांव किडियां, चंबल के डलीरी, माडी समरा और जवंदपुर, एसएएस नगर के गांव महरौली, ठकोरां कला, अमृतसर के गांव छन्न घोगा, मुमंद, लुधियाना के गांव रब्बों नीची, खानपुर मंड, जुलफगढ़ कीड़ी, नया सलेमपुरा और भाडेवाल गांव के लिए जारी किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में बहुत से ऐसे गांव हैं जहां अलग-अलग धर्म के लोग रहते हैं, यहां अलग-अलग जगहों पर शमशानघाट हैं, लेकिन कोई भी शमशानघाट अच्छी तरह से विकसित नहीं किया गया है। जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक से अधिक शमशानघाट वाले गांव में अगर पंचायत शमशानघाट बनाने का फैसला करती है तो सरकार उस गांव को 5 लाख रुपए का ग्रांट देगी।
\इस राशि को शमशानघाट के विकास के लिए खर्च किया जा सकता है। यही नहीं पुराने शमशानघाट को भी पार्क आदि में तब्दील करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। मंत्री ने उम्मीद जताई है कि लोगों के प्रयास और आपसी भाईचारे से इसे पूरा सहयोग मिलेगा। अभी तक 39 ग्राम पंचायतों में 1.95 करोड़ रुपए की राशि को पिछले वित्त 39 ग्राम पंचायतों को रिलीज की गई थी।


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