Year Ender 2025; Major Changes in Banking Sector: साल 2025 अब खत्म होने वाला है। ऐसे में देखें तो पूरे साल कई मायने में खास रहा है। बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो पूरे साल में कई तरह के बड़े बदलाव हुए हैं जिससे आम लोगों को काफी फायदा पहुंचा है।
2025 में बैंकिंग सेक्टर में हुए ये अहम बदलाव
- इस वर्ष बैंकिंग सेक्टर ने आम खाताधारकों के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। अब पुराने या निष्क्रिय खातों में जमा राशि तक पहुंच अधिक सरल हुई है। साथ ही, नॉमिनी नियमों में संशोधन ने खाताधारक की मृत्यु के बाद परिवारों को फंड आसानी से मिलेंगे।

- देश में हजारों बैंक खाते हैं, जिनमें लंबे समय से कोई लेनदेन नहीं हुआ। इनमें जमा रकम 'अनक्लेम्ड डिपॉजिट' कहलाती है। RBI और सरकार की पहल से अब सही मालिकों तक पहचान कर पैसा पहुंचाना आसान हुआ है। अप्रैल 2022 से नवंबर 2025 के बीच बैंकों ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहचान व दस्तावेज़ जाँचकर लौटाई है।
- DEA Fund के अंतर्गत, 10 साल तक निष्क्रिय रहने वाले खातों की रकम RBI के केंद्रीय फंड में सुरक्षित रहती है। 30 जून 2025 तक, सरकारी बैंकों ने 58,000 करोड़ रुपये जमा किए हैं, जिसमें SBI का योगदान सर्वाधिक है। निजी बैंकों ने भी 9,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। मालिक या वारिसों के सामने आने पर पैसा तुरंत लौटाया जाता है।
- नॉमिनी नियमों में भी बड़ा बदलाव आया है। 1 नवंबर 2025 से खाताधारक अब किसी भी खाते, लॉकर या जमा पर चार नॉमिनी तक रख सकते हैं। पहले एक ही नॉमिनी की अनुमति थी। अब खाताधारक नॉमिनी की हिस्सेदारी व क्रम तय कर सकता है, जिससे उसकी मृत्यु के बाद परिवार को फंड आसानी से और विवाद-मुक्त मिलेगा।


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