Year Ender 2025: साल 2025 आम जनता के लिए आर्थिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा। इस वर्ष सरकार और वित्तीय संस्थानों ने कई बड़े फैसले लिए, जिनका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ा। बैंकिंग नियमों, डिजिटल पेमेंट्स, टैक्स स्लैब या पेंशन-ग्रैच्युटी में हुए बदलावों ने आम आदमी की वित्तीय स्थिति को प्रभावित किया।

इन तमाम बदलावों से आम लोगों और खास कर मिडिल क्लास के लोगों को काफी फायदा हुआ है। तो तलिए जानते हैं 2025 में GST से लेकर इनकम टैक्स तक कौन से 7 बड़े आर्थिक बदलाव हुए हैं...
2025 में इन नियमों में हुए अहम बदलाव
- भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ज़ीरो बैलेंस खातों पर अतिरिक्त सुविधाएं दीं। अब इन खातों पर UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसी सभी डिजिटल भुगतान सेवाएँ मुफ्त मिलेंगी। ATM कार्ड पर सालाना शुल्क भी माफ, जिससे अच्छी बचत होगी।
- बैंक खातों में नॉमिनी नियमों में बदलाव आया। खाताधारक अब एक के बजाय चार नॉमिनी तक जोड़ सकते हैं, राशि वितरण भी तय होगा।
- चेक क्लियरिंग प्रक्रिया में सुधार हुआ है। अब चेक जमा करने पर एक ही दिन में बैंक अकाउंट में राशि क्रेडिट होगी, धन तक पहुंच तेज होगी।
- 1 अप्रैल से 'यूपीएस' (UPS) पेंशन योजना लागू हुई, जो सरकारी कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है। 25 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को अंतिम 12 माह की औसत मूल सैलरी का 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगा।
- टैक्स सिस्टम में इस वर्ष महत्वपूर्ण बदलाव हुए। नए टैक्स स्लैब के अनुसार, ₹12 लाख तक की वार्षिक आय पर अब कोई इनकम टैक्स नहीं लगेगा। सितंबर में सरकार ने जीएसटी (GST) नियमों में भी संशोधन किए। देश में अब 5% और 18% के दो जीएसटी स्लैब होंगे। वहीं, लक्जरी/हानिकारक उत्पादों पर 40% तक जीएसटी होगा।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए TDS नियमों में भी बदलाव हुए। अब ब्याज आय पर TDS की सीमा ₹1 लाख कर दी गई है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
- आधार कार्ड से संबंधित नियमों में कई संशोधन हुए। अब आधार में कई अपडेट घर बैठे ऑनलाइन किए जा सकेंगे। छोटे बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट एक साल तक निःशुल्क रहेंगे।


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