Best Investment Options: ज्यादातर भारतीय माता-पिता के लिए बच्चे के भविष्य की योजना बनाना सिर्फ एक वित्तीय काम नहीं है बल्कि यह आकांक्षाओं, सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। बढ़ती शिक्षा लागत, लगातार प्रतिस्पर्धी करियर पथ और बढ़ती जीवनशैली की अपेक्षाओं ने समय रहते और व्यवस्थित वित्तीय योजना बनाना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी बना दिया है।

विशेषज्ञ के मुताबकि माता-पिता की सबसे बड़ी गलती रोजमर्रा की बचत को शिक्षा जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों के साथ मिला देना है। बच्चे की शिक्षा के लिए इंतजार नहीं किया जा सकता। यह एक ऐसा लक्ष्य है जिस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
निवेश के ऑप्शन
आजकल बच्चों पर केंद्रित सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और म्यूचुअल फंड शामिल हैं। विशेष रूप से बालिकाओं के लिए डिजाइन की गई SSY, जो वर्तमान में 8.2% की ब्याज दर देती है। जबकि PPF थोड़ा कम लेकिन फिर भी आकर्षक गारंटीड रिटर्न देता है। ये सरकारी समर्थित योजनाएं उन माता-पिता को आकर्षित करती हैं जो सुरक्षा चाहते हैं। लेकिन कई विशेषज्ञ का कहना है कि सरकारी योजनाओं के साथ इक्विटी में भी निवेश अच्छा रिटर्न दे सकता है।
म्यूचुअल फंड
सुकन्या समृद्धि योजना में 15 सालों में 10,000 रुपये का मासिक निवेश लगभग 35-36 लाख रुपये हो जाता है, जबकि एक इक्विटी म्यूचुअल फंड, 12% के रिटर्न पर भी, 48 लाख रुपये कमा सकता है। यह बड़ा अंतर बाजार से जुड़े निवेशों में कंपाउडिंग पावर को दिखाता है।
फिर भी, कई माता-पिता अस्थिरता के कारण इक्विटी में निवेश करने से हिचकिचाते हैं। यह हिचकिचाहट जोखिम के बजाय अपरिचितता से जन्म ली है। विशेषज्ञ का कहना है कि लोग गलत समय पर निवेश करते हैं, बाजार गिरने पर घबरा जाते हैं और समय से पहले निकल जाते हैं। इक्विटी तभी खूबसूरती से काम करती है जब आप उस रास्ते पर बने रहते हैं।
PPF योजना के फायदे
जहां म्यूचुअल फंड सबसे ज्याजा रिटर्न की संभावना देते हैं। वहीं पीपीएफ भारत में सबसे भरोसेमंद बचत योजनाओं में से एक है। पीपीएफ एक ईईई (छूट-छूट-छूट) साधन है। योगदान पर धारा 80सी के तहत टैक्स लाभ मिलता है। ब्याज टैक्स-फ्री होता है, और मैच्योरिटी राशि पर पूरी तरह से छूट मिलती है।
इसकी 15 साल की लॉक-इन अवधि, जिसे पांच-पांच साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। इसमें सालाना 500 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक जमा करने की अनुमति है, और हर महीने की 5 तारीख से पहले निवेश करके ब्याज का अधिकतम लाभ उठाया जा सकता है। 7.1% की ब्याज दर पर, 1.5 लाख रुपये का वार्षिक निवेश 15 वर्षों में लगभग 40.68 लाख रुपये हो जाता है।
सुकन्या समृद्धि योजना
दूसरी ओर, सुकन्या समृद्धि योजना "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" पहल के तहत विशेष रूप से बालिकाओं के लिए बनाई गई है। इसमें प्रति वर्ष 250 से 1.5 लाख रुपये तक जमा करने की अनुमति है और यह 21 वर्षों में मैच्योरिटी होती है। SSY लगातार PPF से ज्यादा रिटर्न देता है, जिससे यह लड़कियों के लिए सबसे आकर्षक फिक्स्ड-इनकम निवेश बन जाता है।
शिक्षा में महंगाई सामान्य महंगाई की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। इसलिए वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती तैयारी जरूरी है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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