CERT-In ने 25 अगस्त 2026 को अपनी एडवाइजरी अपडेट करते हुए व्हाट्सएप पर फैल रहे मालवेयर (Malware) के नए खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। हैकर्स अब व्हाट्सएप वेब और डेस्कटॉप यूजर्स को निशाना बनाने के लिए इनवॉइस या बैंक स्टेटमेंट के नाम से फर्जी फाइलें भेज रहे हैं। विंडोज (Windows) पर इन अटैचमेंट्स को खोलते ही खतरनाक कोड रन हो जाता है और सिस्टम में रिमोट-कंट्रोल टूल्स इंस्टॉल हो जाते हैं। ये मैसेज ज्यादातर हैक किए गए जान-पहचान के अकाउंट्स से आते हैं, इसलिए यूजर्स आसानी से झांसे में आ जाते हैं।
आज जारी एडवाइजरी में.vbs और.exe जैसी खतरनाक एग्जीक्यूटेबल फाइलों से सावधान रहने और तुरंत अकाउंट सिक्योरिटी जांचने की हिदायत दी गई है। CERT-In का कहना है कि व्हाट्सएप पर दोबारा चैट शुरू करने से पहले यूजर्स अपने लिंक्ड डिवाइसेज की लिस्ट जरूर चेक करें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन इनेबल कर लें। ताजा नमूनों और एडवाइजरी में इनवॉइस और बैंक स्टेटमेंट के इस्तेमाल को देखते हुए माना जा रहा है कि फाइनेंस डेस्क, छोटे-बड़े कारोबारियों (SMEs) और कंटेंट क्रिएटर्स को इससे सबसे ज्यादा खतरा है।

WhatsApp Web/Desktop मालवेयर: जानिए कैसे काम करता है यह अटैक
इस अटैक में हैकर्स सबसे पहले शिकार के अकाउंट को हैक करते हैं और फिर उसके कॉन्टैक्ट्स को सामान्य डॉक्यूमेंट के नाम पर स्क्रिप्ट फाइलें भेजते हैं। इस फाइल को खोलते ही VBScript एक्टिव हो जाती है, जो नए फोल्डर बनाकर हैकर्स के सर्वर से दूसरी खतरनाक स्क्रिप्ट्स डाउनलोड कर लेती है। इसके बाद सिस्टम में एक कंप्रेस्ड बंडल डाउनलोड होता है और रिमोट मॉनिटरिंग टूल इंस्टॉल हो जाता है, जिससे हैकर्स को सिस्टम का लगातार एक्सेस मिल जाता है। इसका नतीजा- डेटा की चोरी, पासवर्ड का हैक होना, नेटवर्क में घुसपैठ और भारी वित्तीय नुकसान के रूप में सामने आता है।
CERT-In का अलर्ट: तुरंत अपनाएं ये सेफ्टी स्टेप्स और करें 60 सेकंड का डिवाइस चेक
बचाव के लिए सबसे पहले अपना विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटीवायरस अपडेट करें। इसके बाद व्हाट्सएप की 'Linked Devices' लिस्ट चेक करके किसी भी अनजान सेशन को तुरंत लॉग आउट कर दें। टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें और चैट पर मिली किसी भी एग्जीक्यूटेबल फाइल को कभी न खोलें। कोई भी इनवॉइस या बैंक स्टेटमेंट डाउनलोड करने से पहले दूसरे माध्यम से उसकी पुष्टि करें और हमेशा ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें। कंपनियों को अपने नेटवर्क में स्क्रिप्ट फाइलों को ब्लॉक करना चाहिए, एंडपॉइंट्स की निगरानी रखनी चाहिए और कर्मचारियों को ऐसे साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करना चाहिए।
| 60 सेकंड डिवाइस चेक | क्या करें (Action) |
|---|---|
| लिंक्ड डिवाइसेज (Linked devices) | WhatsApp Settings > Linked Devices में जाएं और अनजान पीसी या सेशंस को लॉग आउट करें। |
| सिक्योरिटी अपडेट्स (Security updates) | विंडोज और ब्राउज़र के पेंडिंग अपडेट्स इंस्टॉल करें और सिस्टम को एक बार रीस्टार्ट करें। |
| फुल स्कैन (Full scan) | एंटीवायरस का फुल स्कैन चलाएं, मिले हुए खतरों को क्वारंटाइन करें और दोबारा स्कैन करें। |
| क्लीन-अप (Clean‑up) | हाल ही में इंस्टॉल हुए अनजान प्रोग्राम्स हटाएं, ब्राउज़र सेशंस रीसेट करें और अपने पासवर्ड बदलें। |
शिकायत और रिकवरी: 1930 और साइबरक्राइम पोर्टल की लें मदद
अगर आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो बिना देर किए 1930 पर कॉल करें और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। तुरंत अपने डिवाइस का इंटरनेट डिस्कनेक्ट करें, बैंक व UPI पासवर्ड बदलें और ट्रांजेक्शन अलर्ट ऑन कर लें। जांच अधिकारियों के लिए सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट, फाइल का नाम, हैश, टाइमस्टैम्प और चैट हेडर सुरक्षित रखें। इसके अलावा, फाइनेंस टीमों को इनवॉइस फाइलों को सैंडबॉक्स एनवायरनमेंट में चेक करना चाहिए, एप्लिकेशन कंट्रोल लागू करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध वेंडर मैसेज को तुरंत एस्कलेट करना चाहिए।


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