16 अक्टूबर को देशभर की पुलिस और साइबर टीमों ने व्हाट्सएप पर आ रहे एक नए 'डेबिट अलर्ट' फर्जी मैसेज को लेकर अलर्ट जारी किया है। इस मैसेज में दावा किया जाता है कि आपके बैंक खाते से पैसे कट गए हैं और अगर आपने यह लेन-देन नहीं किया है, तो जवाब में "NO" लिखें। हैदराबाद के पुलिस चीफ वी सी सज्जनार ने भी इस हफ्ते लोगों को इस खतरे के प्रति सतर्क किया है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी धोखाधड़ी की स्थिति में 'गोल्डन ऑवर' के दौरान तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह पूरा स्कैम लोगों में डर पैदा करके और फर्जी पहचान बताकर चलाया जा रहा है। सबसे पहले किसी अनजान या इंटरनेशनल नंबर से पैसे कटने का फर्जी मैसेज आता है। इसके तुरंत बाद लिखा होता है, "अगर यह ट्रांजैक्शन आपने नहीं किया है, तो जवाब में NO भेजें।" कई लोग अपना बैंक ऐप चेक किए बिना ही घबराहट में रिप्लाई कर देते हैं। ध्यान रखें, इन मैसेजों में बैंक का असली हेडर गायब होता है और तुरंत जवाब देने का दबाव बनाया जाता है।

व्हाट्सएप का यह 'Reply NO' डेबिट स्कैम कैसे काम करता है?
यूज़र्स को चेतावनी देते हुए सज्जनार ने पोस्ट किया, "सिर्फ एक 'NO'—और आपका बैंक खाता खाली!" उन्होंने इसे एक "ऑटो-एक्सीक्यूशन फाइल अटैक" बताया। हालांकि, स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार इस तकनीकी दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए तकनीकी शब्दों के बजाय ठगों के व्यवहार को समझना ज्यादा जरूरी है। असली खतरा सोशल इंजीनियरिंग का है, जिसके जरिए जालसाज आपसे लिंक पर क्लिक करवाते हैं, फर्जी ऐप इंस्टॉल कराते हैं या संवेदनशील अनुमतियां हासिल कर लेते हैं।
मैसेज आने पर तुरंत क्या करें और 1930 पर कैसे दर्ज कराएं शिकायत?
अगर आपको ऐसा कोई मैसेज मिले, तो तुरंत ये कदम उठाएं: सबसे पहले अपना ऑफिशियल बैंकिंग ऐप खोलें और अपना बैलेंस व स्टेटमेंट जांचें। इस मैसेज का कोई जवाब न दें और न ही इसे आगे फॉरवर्ड करें। व्हाट्सएप पर उस भेजने वाले नंबर को तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें। बिना देर किए 1930 पर कॉल करें और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। 'गोल्डन ऑवर' के दौरान तुरंत रिपोर्ट करने से पैसे वापस होल्ड होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
खतरे के बड़े संकेत और तुरंत उठाए जाने वाले कदम
| खतरे का संकेत (Red flag) | तुरंत क्या करें (Action now) |
|---|---|
| अज्ञात या इंटरनेशनल नंबर से मैसेज और "NO" रिप्लाई करने का दबाव। | कोई जवाब न दें; अपना बैंक ऐप चेक करें; नंबर ब्लॉक और रिपोर्ट करें, फिर 1930 पर कॉल करें। |
| हेल्प डेस्क या KYC के नाम पर कोई फॉर्म भरने या APK फाइल इंस्टॉल करने को कहना। | साफ इनकार करें; कभी कोई ऐप इंस्टॉल न करें; केवल आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें और पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। |
भारतीय यूज़र्स और दुकानदारों के लिए जरूरी सावधानियां
व्हाट्सएप चैट पर भेजी गई किसी भी फाइल या 'सपोर्ट ऐप' को कभी भी इंस्टॉल न करें। अपने व्हाट्सएप में टू-स्टेप वेरिफिकेशन (Two-step verification) ऑन रखें, Linked Devices की समय-समय पर जांच करें और अनजान लोगों द्वारा ग्रुप में जोड़े जाने पर रोक लगाएं। अपने ऐप में UPI लिमिट तय करें और गैर-जरूरी UPI ऑटोपे (Autopay) मैंडेट को रोकें या रद्द कर दें। मर्चेंट्स और दुकानदारों को चाहिए कि वे अपने कर्मचारियों को ऐसे संदेशों को अनदेखा करने और संदिग्ध मामलों को केवल प्रशिक्षित कर्मचारी के पास भेजने का निर्देश दें।
साइबर अपराध के खिलाफ भारत का सुरक्षा चक्र तभी सबसे बेहतर काम करता है जब नागरिक घबराने के बजाय तेजी से कदम उठाएं। अपने फोन में 1930 नंबर सेव कर लें और cybercrime.gov.in को बुकमार्क कर लें। व्हाट्सएप पर संदिग्ध नंबर या हेडर देखते ही तुरंत रिपोर्ट करें। आज की आपकी यही छोटी सतर्क आदतें कल होने वाले बड़े वित्तीय नुकसान को रोक सकती हैं और जांच एजेंसियों को ठगों तक पहुंचने में मदद कर सकती हैं।


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