Pink Saheli Card: दिल्ली सरकार का नया लॉन्च किया गया पिंक सहेली कार्ड राजधानी में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों के लिए एक सीधा फाइनेंशियल राहत उपाय है। पिंक सहेली कार्ड को प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू ने तीन दूसरी महिला-केंद्रित वेलफेयर स्कीम के साथ लॉन्च किया था।

कैसे होगी महीने की बचत?
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) की बसों में फ्री यात्रा के साथ, योग्य महिलाएं अपने महीने के आने-जाने के खर्च में काफी कमी कर सकती हैं। काम करने वाले प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स और छोटे बिजनेस ओनर्स के लिए जो रोज बसों पर निर्भर रहते हैं, इससे महीने की अच्छी बचत हो सकती है, यह यात्रा की फ्रीक्वेंसी पर निर्भर करता है।
पैसों को इन चीजों में लगाया जा सकता है
- SIP इन्वेस्टमेंट
- इमरजेंसी फंड
- हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम
पिंक कार्ड के लिए कौन एलिजिबल है?
- एप्लीकेंट महिला या ट्रांसजेंडर व्यक्ति होना चाहिए।
- एप्लीकेंट की उम्र 12 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए।
- एप्लीकेंट दिल्ली का रहने वाला होना चाहिए (दिल्ली आधार या वैलिड एड्रेस प्रूफ के साथ)।
- पहले फेज में, पिंक और ब्लू कार्ड रोल आउट किए जाएंगे, जबकि ऑरेंज कार्ड बाद में इंट्रोड्यूस किया जाएगा।
- DTC ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (MufinPay) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को कार्ड जारी करने के लिए ऑथराइज किया है।
पिंक कार्ड के फायदे
पिंक सहेली कार्ड एक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की तरह भी काम करता है, जिसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल दिल्ली मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) में पेड ट्रैवल के लिए किया जा सकता है। इससे अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत कम हो जाती है, जिससे फाइनेंशियल ट्रैकिंग और सुविधा बेहतर होती है।
पिंक सहेली कार्ड मौजूदा पेपर-बेस्ड पिंक टिकट सिस्टम की जगह लेगा और टच-फ्री ट्रैवल, डिजिटल जर्नी रिकॉर्ड और रेवेन्यू अकाउंटिंग में बेहतर ट्रांसपेरेंसी देगा। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा कि इस पहल का मकसद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ज्यादा आसान, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और सुरक्षित बनाना है, साथ ही महिलाओं के आने-जाने का खर्च कम करना है।


Click it and Unblock the Notifications