Personal Loan Insurance: देश में ऐसे लाखों लोग होंगे जिन्होंने पर्सनल लोन ले रखा है। लेकिन इनमें से सिर्फ कुछ हजार लोगों को ही पर्सनल लोन इंश्योरेंस की जानकारी होती है। अगर अपने पर्सनल लोन ले रखा है तो आपको भी इस इंश्योरेंस के खास फायदे जाने चाहिए। ताकि जरूरत पड़ने पर आप इस इंश्योरेंस का इस्तेमाल कर सके और इसके संभावित लाभ उठा सके। लेकिन इसके लाभ उठाने के लिए पहले आपको इससे मिलने वाले लाभ के बारे में पता होना चाहिए। इस आर्टिकल में हम आपको पर्सनल लोन इंश्योरेंस के बारे में और इससे मिलने वाले फायदे के बारे में बताने जारहे हैं। आइए इन पर एक नजर डालते हैं।
क्या है पर्सनल लोन इंश्योरेंस
अगर आपको कोई पर्सनल लोन लेते हैं तो उसको सुरक्षा देने के लिए आप इंश्योरेंस पर करवा सकते हैं। पर्सनल प्रोटेक्शन लोन अपने आप में एक इंडिपेंडेंट बीमा पॉलिसी है। इसे आप आप फाइनेंसियल प्रॉब्लम के दौरान खुद को फाइनेंशियल सेफ्टी देने के लिए खरीद सकते हैं। पर्सनल प्रोटेक्शन लोन आपके लिए एक सुरक्षा उपाय की तरह ही होता है। इसके तहत अगर आपने लोन लिया है और आपकी नौकरी चली जाती है या फिर विकलांगता हो जाती है तो, बचे हुए टाइम पीरियड के दौरान आपके लोन का भुगतान बीमा कंपनी के द्वारा कर किया जाता है।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि यह बीमा पॉलिसी भी दूसरी किसी भी सामान्य बीमा पॉलिसी की तरह ही होती है। पर्सनल लोन प्रोटक्शन इंश्योरेंस में आपको दो तरह के विकल्प मिलते हैं। पहले तो इसमें आप आसान मासिक किस्तों में अपनी ईएमआई भर सकते हैं या फिर आप पर्सनल लोन के लिए एक बार में पूरी राशि जमा करके यह इंश्योरेंस ले सकते हैं।
कैसे निर्धारित होती है प्रीमियम की राशि
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि लोन के प्रीमियम की रकम कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें लोन लेने वाले व्यक्ति का लोन अमाउंट, उसकी उम्र, हेल्थ कंडीशन, और वर्किंग वर्ष जैसे फैक्टर पर निर्भर करती है। उनके हिसाब से आपकी प्रीमियम की रकम कम या ज्यादा हो सकती है।
अगर आपने कोई बड़ा लोन ले रखा है तो आप पर लोन डिफॉल्ट का खतरा भी आ सकता है। तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियां आपको इंश्योर करने के लिए मोटर प्रीमियम फसल करती है। इसके अलावा जैसे-जैसे व्यक्त की उम्र बढ़ती जाती है वैसे-वैसे उसकी इनकम भी प्रभावित होती है।
एक आंकड़े के मुताबिक 50 साल की उम्र के बाद व्यक्ति की इनकम में कमी आना शुरू हो जाती है। ऐसे में अगर आप रिटायर हो गए तो लोन का खर्चा आपके ऊपर अतिरिक्त बोझ बन जाता है।
ऐसे में ज्यादा उम्र वाले लोगों को इस इंश्योरेंस के लिए ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ता है।
क्या है क्लेम करने की प्रक्रिया
इस इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए आपको सबसे पहले कंपनी से कॉन्टैक्ट करना होगा। आप किस वजह से ईएमआई चुकाने में सक्षम नहीं है इस बात की जानकारी भी आपको देनी पड़ेगी। उसके बाद अपने पॉलिसी की पूरी डिटेल देनी होगी। इसके अलावा विकलांगता जैसे केस में आपको जरूरी मेडिकल डॉक्यूमेंट भी जमा करने पड़ेंगे। फिर कंपनी आपके क्लेम के आधार परआपका दावा स्वीकार करेगी। इस लोन के जरिए आप कई सारे काम कर सकते हैं। इसमें पर्सनल लोन की शेष राशि का भुगतान, या फिर एकमुश्त पेमेंट या फिर इनकम सहायता की डिमांड शामिल हैं।
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