Form 16 in Income Tax Return: टैक्सपेयर या नौकरीपेशा कर्मचारी जब इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो उन्हें फॉर्म 16 की जररूत होती है।
इसके बिना वह इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं कर सकते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि फॉर्म 16 क्या होता है और इनकम टैक्स रिटर्न जमा करने के लिए आपको इसकी जरूर क्यों पड़ती है।
अगर आपको इन सवालों का जवाब नहीं पता तो चलिए आपको हम बताते हैं।

क्या होता है फॉर्म 16?
फॉर्म 16 इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 203 के तहत जारी किया गया एक सर्टिफिकेट है। यह एक कर्मचारी के कमाए हुए वेतन और कंपनी के उनके वेटन से काटे गए टैक्सों की जानकारी प्रदान करता है।
फॉर्म 16 यह तय करता है कि नियोक्ता यानी आपकी कंपनी ने टीडीएस जमा कर दिया है और फॉर्म 16 सर्टिफिकेट में सारी जानकारी होती है।
इसमें एक कर्मचारी की कमाई गई इनकम, अलाउंस और डिडक्शन भी मेंशन होते हैं।
फॉर्म 16 की जरूरत क्यों होती है?
जो लोग जॉब करते हैं तो उन्हें आईटीआर फाइल करने के लिए फॉर्म 16 की जरूरत होती है और कंपनियों को अपने कर्मचारियों को उस असेसमेंट ईयर के 15 जून तक फॉर्म 16 जारी करना जरूरी होता है। इसके लिए आयकर रिटर्न जमा किया जा रहा है। फाइनेंशियल ईयर (2024-25) के लिए फॉर्म 16 को 15 जून 2024 तक जारी किया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि फॉर्म 16 इनकम रिटर्न फाइल के लिए टीडीएस और आपकी इनकम से संबंधित जानकारी मिलती है।
यह आपको अपनी कटौतियों की सही रिपोर्ट देने में भी मदद करता है। इसी के साथ-साथ इनकम टैक्स, टैक्स रिफंड का क्लेम करने में भी मददगार साबित होता है।
क्या है फॉर्म 16 पार्ट A और पार्ट B?
फार्म 16 के A पार्ट को पहला भाग माना जाता है। इसमें कंपनी का नाम, उसका रजिस्टर्ड कार्यालय का पता, पैन नंबर, टैन नंबर के साथ-साथ कर्मचारी का भी पैन नंबर, आकलन वर्ष, और रोगजार के विषय पर पूरी जानकारी होती है।
यदि कोई कर्मचारी एक वित्तीय वर्ष में कंपनी बदलता है तो उसे तय करना होगा कि पहली कंपनी पार्ट ए में रहेगी या दूसरी कंपनी।
इसके अलावा इसमें लिखा होता है कि संबधित कर्मचारी को एक वित्तीय वर्ष में कितनी राशि दी जाती है और इसके लिए कंपनी ने कितना टीडीएस काटा है।
वहीं, पार्ट B की बात करें तो इसमें कर्मचारी को मिलने वाले वेतन का पूरा ब्यौरा, सेक्शन 10 के तहत मिलने वाले भत्तों व छूट का पूरा लेखा-जोखा और अधिनियम के तहत मिलने वाली छूट की पूरी डिटेल्स होती हैं।
अगर इनकम टैक्स रिटर्न में फाइल किए जा रहे आंकड़े और फॉर्म -16 में दाखिल किए गए आंकड़े अलग-अलग हैं तो आगे चलकर आपको परेशानी हो सकती है।
इस फॉर्म की मदद से आप अपने इनकम टैक्स से जुड़े आंकड़ों का मिलान कर सकते हैं।
फार्म 16 के बिना अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना चाहते है तो इसके लिए आपको अपना वेतन स्लिप, फार्म 26 एएस या टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट की जररूत होती है।
इसके अलावा रिटर्न फाइल करते समय आपको रेंट एग्रीमेंट और आपने कहां पर निवेश किया है, इसके डॉक्यूमेंट्स की भी जरूरत होती है।
इसके बाद आप आसानी से अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।


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