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बुलिश और बीयरिश ऑप्शंस ट्रेडिंग स्ट्रेटेजीज को समझें

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यदि आप नौसिखिए या प्रोफेश्नल निवेशक या ट्रेडर हैं, तो आप इस बात से सहमत होंगे कि कीमतें तीन पैटर्न को फॉलो करती हैं - एक तेजी (बुलिश), एक मंदी (बीयरिश) या एक न्यूट्रल मूवमेंट। खबरें कैसी भी हों फंडामेंटल्स या टेक्निकल्स में बदलाव, कीमतों को तेजी, मंदी या न्यूट्रल ट्रेंड में से किसी को फॉलो करना होता है।

 
बुलिश और बीयरिश ऑप्शंस ट्रेडिंग स्ट्रेटेजीज को समझें

आइए समझते हैं कि इनका क्या मतलब है :
तेजी का रुझान यह है जिसमें आप किसी स्टॉक या शेयरों के समूह के ऊपर जाने की उम्मीद करते हैं। यदि आप बुलिश हैं, तो आप स्टॉक या स्टॉक्स के खरीदार होते हैं, जिसका अर्थ यह भी है कि आप लॉन्ग पोजीशन रखते हैं।
मंदी का ट्रेंड ठीक इसके उलट होता है। यदि आप एक मंदी का नजरिया रखते हैं, तो आप शॉर्ट होना चाहते हैं या बेच रहे हैं या आप ऐसा करने के लिए योजना बना रहे हैं।
एक न्यूट्रल ट्रेंड न तो तेजी है और न ही मंदी, जिसका अर्थ है कि आप प्रतिबद्ध नहीं हैं।

स्टॉक ऑप्शन क्या है?
एक स्टॉक ऑप्शन एक तरह का डेरिवेटिव है जो आपको किसी विशेष स्टॉक की एक निश्चित मात्रा को खरीदने या बेचने का अधिकार देती है, लेकिन दायित्व नहीं। खरीद भविष्य में एक निर्धारित डेट पर पहले से तय मूल्य पर होती है। आइए दो बुलिश स्ट्रेटेटीज पर एक नजर डालते हैं।

 

ए) कॉल खरीदना
यदि आप किसी स्टॉक पर बुलिश हैं, तो आप कॉल खरीद रहे होंगे। जब आप कॉल खरीदते हैं, तो आपके पास भविष्य में एक स्पेसिफिक स्ट्राइक प्राइस पर स्टॉक खरीदने का अधिकार होता है। यदि कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी पर कीमत स्ट्राइक प्राइस से ऊपर जाती है, तो आप लाभ कमाते हैं, बशर्ते प्राइस भुगतान किए गए प्रीमियम को भी कवर करती हो।

बी) राइटिंग पुट
जब आप पुट ऑप्शन लिखते हैं, तो आप इस धारणा पर काम करते हैं कि स्टॉक स्ट्राइक प्राइस से नीचे नहीं गिरेगा। यह एक प्रीमियम के बदले में किया जाता है। अगर स्टॉक की कीमत स्ट्राइक से ऊपर रहती है, तो पुट लिखने वाला व्यक्ति लाभ कमाता है।

बीयरिश स्टॉक ऑप्शंस स्ट्रेटेजीज
यदि आप मानते हैं कि बाजार और विशिष्ट शेयरों में गिरावट आने की संभावना है, तो दो पॉपुलर बीयरिश स्ट्रेटेजीज कॉल लिखना और पुट खरीदना होंगी। आइए इन्हें समझते हैं :

ए) पुट खरीदना
जब आप एक पुट कॉन्ट्रैक्ट खरीदते हैं, तो आपके पास भविष्य के किसी समय पर स्ट्राइक मूल्य पर शेयर बेचने का अधिकार होता है। यदि कीमतें स्ट्राइक मूल्य से नीचे गिरती हैं, तो निवेशक लाभ कमाते हैं, बशर्ते आप भुगतान किए गए प्रीमियम की राशि को भी ध्यान में रखें।

बी) राइटिंग कॉल
जब आप एक कॉल कॉन्ट्रैक्ट लिखते हैं, तो आप भविष्य में किसी समय पर स्ट्राइक मूल्य पर शेयर खरीदने के लिए सहमत होते हैं। जब तक मूल्य स्ट्राइक के नीचे रहता है, कॉन्ट्रैक्ट बिना किसी फायदे के एक्यपायर हो जाता है, और राइटर प्रीमियम पर होल्ड किए रहते हैं। हालांकि, यहां जोखिम बहुत होता है क्योंकि यदि कीमत स्ट्राइक से ऊपर जाती है तो राइटर की लायबिलिटी गंभीर हो जाती है।
पुट खरीदना और कॉल लिखना पॉपुलर बीयरिश स्टॉक ऑप्शंस ट्रेडिंग स्ट्रेटेजीज हैं।

English summary

what are Bullish and Bearish Options Trading Strategies know here

If you are bullish on a stock, you would be buying calls. When you buy a call, you have the right to buy a stock in the future at a specific strike price.
Story first published: Monday, January 2, 2023, 14:20 [IST]
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