नई दिल्ली। भारत में लोगों को गोल्ड से कितना प्रेम है, इसे पूरी दुनिया जानती है। लेकिन दुनिया के सबसे बड़़े निवेशक वॉरेन बफेट ने अपना पूरा सोना बेच दिया है। बर्कशायर हैथवे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वॉरेन बफेट दुनिया में सबसे बड़े और सफल निवेशक माने जाते हैं। ऐसे में अगर इन्होंने सोना बेचने का फैसला किया है तो दुनिया में बाकी और लोगों को सोने में निवेश के बारे में एक बार दोबारा सोचना चाहिए। आइये जानते हैं बर्कशायर हैथवे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) वॉरेन बफेट ने सोना बेचने का फैसला क्यों किया है, और आप के लिए इसमें क्या सबक है।
यही नहीं बफेट की कंपनी ने कनाडा की गोल्ड खनन कंपनी बैर्रिक गोल्ड कॉर्पोरेशन में 31.7 करोड़ डॉलर के शेयर बेचे हैं। कंपनी ने कुछ तिमाही पहले ही ये शेयर खरीदे थे। इन शेयरों को बेचने का फैसला उतना ही चौंकाने वाला था, जितना कि इन्हें खरीदने का।
पूरा सोना बेचा
वॉरेन बफेट ने अपनी गोल्ड की पूरी होल्डिंग बेचने की घोषणा की है। एक रेगुलेटरी फाइलिंग को उन्होंने यह जानकारी दी है। इस जानकारी के अनुसार, उनकी कंपनी बर्कशायर हैथवे ने 2020 की चौथी तिमाही (अक्तूबर से दिसंबर) में सोने में किया गया पूरा निवेश बेच दिया है। वहीं इससे पहले तीसरी तिमाही ने भी उनकी कंपनी ने सोना बेचा था।
घाटे में बेचा सोना
पिछले साल बफेट ने सोना खरीदा था। उस समय गोल्ड की यह खरीद 2,065 डॉलर प्रति औंस के रेट पर की गई थी। वहीं बफेट सोने की बिक्री करना तब शुरू किया, जब सोने की कीमत 1,800 डॉलर प्रति औंस से नीचे चल रही थी। इस प्रकार इस निवेश से उनको 12.8 फीसदी नुकसान हुआ है। बफेट सोने को लेकर नकारात्मक नजरिए रखते हैं। साल 1998 में बफेट ने सोने को बेकार वस्तु बताया था। बफेट के अनुसार गोल्ड का कोई व्यावहारिक इस्तेमाल नहीं है।
घट रही गोल्ड में निवेश की पोजीशन
इसके अलावा अन्य निवेश कंपनियों ने भी गोल्ड की पोजीशन में कटौती की। ब्लैक रॉक की एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा गया कि दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर ने एसडीपीआर में करीब 3,414 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत के गोल्ड शेयर बेचकर सिल्वर ट्रस्ट में 2.9 करोड़ डॉलर (लगभग 211 करोड़ रुपये) कीमत की हिस्सेदारी खरीदी है।


Click it and Unblock the Notifications