नई दिल्ली, मार्च 15। वित्तीय स्वतंत्रता (फाइनेंशियल फ्रीडम) को आम तौर पर एक ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी व्यक्ति या परिवार को किसी भी प्रकार के रोजगार से होने वाली इनकम पर निर्भर हुए बिना ही पर्याप्त धन मिलता है। पिछले कुछ दशकों में समय के साथ वित्तीय स्वतंत्रता पर विचार भी बदले हैं। लोग पहले के मुकाबले जल्दी रिटायर होकर फाइनेंशियल फ्रीडम का मजा लेना चाहते हैं। वित्तीय स्वतंत्रता का अर्थ जल्द से जल्द नौकरी से आजादी पाकर अपने मनचाहे सपने पूरे करने का है। पर ये कैसे संभव है कि जल्दी रिटायर होकर खूब सारे पैसे जमा करके आप जीवन का आनंद ले सकते हैं? हम आपको इस लेख में इसी के लिए कुछ खास टिप्स देंगे।
फाइनेंशियल गोल तय करें
सीधे शब्दों में कहें तो अपने वर्तमान खर्चे और भविष्य में महंगाई को ध्यान में रखते हुए एक रिटायरमेंट योजना तैयार करने पर विचार करें। अपनी आवश्यक रिटायरमेंट राशि की गणना करने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने वर्तमान मासिक खर्च को जानें और मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अगले 20-30 वर्षों में इसे एक्सट्रपलेशन करें। इससे आपको बचत और निवेश का विश्लेषण करने और यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि आपको कितना पैसा चाहिए होगा। एक बार जब आप उस फंड के बारे में जान जाते हैं जिसका आपको लक्ष्य रखना है तो आप उसके लिए सबसे अच्छे बचत और निवेश के रास्ते तय कर सकते हैं।
एसेट एलोकेशन
अनुशासित संपत्ति आवंटन (एसेट एलोकेसन) रणनीति का पालन करके लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। एक सही लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में इक्विटी, डेब्ट, रियल एस्टेट और बुलियन जैसे कई एसेट क्लास का संयोजन शामिल होता है। इसलिए इस रणनीति को तैयार करते समय वित्तीय सलाहकारों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
एसेट एलोकेशन के फायदे
एक अच्छी तरह से तैयार की गयी एसेट एलोकेशन रणनीति निवेशकों को एक ऐसा पोर्टफोलियो बनाने में मदद करती है जो ओवरऑल पोर्टफोलियो के जोखिम को कम और रिटर्न की अस्थिरता को कम कर सकता है। इसका फायदा यह है कि मान लीजिए इक्विटी में गिरावट आ रही है, तो गोल्ड मुनाफा कराके आपके रिटर्न को कम नहीं होने देगा। विभिन्न एसेट क्लास में निवेश करने से निवेशकों को लंबी अवधि में लाभ होता है।
निवेश पोर्टफोलियो की समय-समय पर समीक्षा और रीबैलेंस
नियमित पोर्टफोलियो समीक्षा से निवेशकों को बेंचमार्क के साथ-साथ अपेक्षित रिटर्न का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है। यानी आपको कितने रिटर्न की जरूरत है वो आपको मिल रहा है या नहीं। नियमित पोर्टफोलियो समीक्षा निवेशकों को जरूरी एसेट एलोकेशन को बनाए रखने के लिए आवश्यक होने पर पोर्टफोलियो को फिर से बैलेंस करने में मदद करती हैं।
एसआई को न छोड़ें
बचत और निवेश के अनुशासन को डेवलप करने के लिए एसआईपी की मदद लें। एसआईपी का मतलब है कि तय तारीख (जैसे हर महीने की पहली तारीख) को विशिष्ट म्यूचुअल फंड में एक छोटी राशि का निवेश करना। एसआईपी निवेश का सबसे अधिक सदाबहार तरीका है। यह इक्विटी और डेब्ट मार्केट में समान रूप से निवेश करने का शायद सबसे अनुशासित तरीका भी ऑफर करता है।
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