नई दिल्ली, अप्रैल 24। भविष्य निधि (पीएफ) सरकारी निवेश ऑप्शन हैं, जो लंबी अवधि में एक बड़ा फंड बनाने में आपकी मदद कर सकते हैं। पीएफ की अलग-अलग कैटेगरी में से एक है स्वैच्छिक भविष्य निधि (वीपीएफ)। वीपीएफ में किया गया निवेश भी ईपीएफ में ही जाता है। ये वो पैसा होता है जो आप जरूरी ईपीएफ योगदान के ऊपर ईपीएफ खाते में जमा कराना चाहें। आपको वीपीएफ पर भी उतना ही ब्याज मिलेगा, जितना ईपीएफ राशि पर। कोई भी सैलेरी पाने वाला व्यक्ति अपने ईपीएफ खाते में वीपीएफ का पैसा जमा कर सकता है। ब्याज दर सहित कई अन्य फैक्टर हैं, जिनके चलते आपको भी कहीं और के बजाय वीपीएफ में निवेश करना चाहिए। आइए जानते हैं इन कारणों के बारे में।
ज्यादा ब्याज दर
वीपीएफ पर ईपीएफ जितनी ही ब्याज दर है, जिसे सरकार हर वित्तीय वर्ष के लिए तय करती है। भारत सरकार हर साल ईपीएफ / वीपीएफ ब्याज दर की घोषणा करती है। यानी इसमें बदलाव हो सकता है। फिलहाल ईपीएफ ब्याज दर 8.5 प्रतिशत है। अगर 5 साल की बैंक एफडी, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (पीएमवीवीवाई) जैसे अन्य डेब्ट सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स से तुलना करें तो ईपीएफ और वीपीएफ पर आपको ज्यादा ब्याज मिलेगा।
टैक्स में भारी छूट
वीपीएफ पर ईपीएफ के ही टैक्स नियम लागू होते हैं। ये छूट-छूट-छूट सिस्टम के तहत आता है। यानी आपका 1,50,000 रुपये तक का योगदान, 5 साल की अवधि के बाद निकाला गया ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब पर टैक्स छूट मिलती है। हालांकि सरकार ने बजट 2021 में 2.5 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगाने का ऐलान किया था।
पैसा निकालना आसान
ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर आप वीपीएफ से लगातार 5 साल की सर्विस से पहले पैसा निकालें तो टैक्स लगेगा। इमरजेंसी स्थिति के मामले में कुछ प्रतिबंधों के साथ वीपीएफ खाते में से पैसा निकाला जा सकता है। आप किसी मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी, घर या अन्य आवासीय प्लॉट की खरीद / निर्माण, और होम लोन चुकाने के लिए पैसा निकाल सकते हैं।
छोटी मैच्योरिटी अवधि
वीपीएफ को उन लोगों के लिए निवेश के सबसे अच्छे अवसरों में से एक माना जाता है, जो लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं। बता दें कि वीपीएफ खाते में मैच्योरिटी अवधि 5 साल की होती है। मगर कोई व्यक्ति अपने वीपीएफ खाते से 5 साल की अवधि से पहले पैसा बिना किसी जुर्माना राशि के नहीं निकाल सकता है। 5 साल की मैच्योरिटी अवधि के बाद आप बिना टैक्स के वीपीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं।
पैसे का ट्रांसफर आसान
नौकरी बदलने के मामले में, आप अपने वीपीएफ फंड को उसी तरह ट्रांसफर कर सकते हैं, जिस तरह से आप अपने ईपीएफ फंड को ट्रांसफर करते हैं, क्योंकि दोनों यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) से जुड़े होते हैं। जब आप अपनी नौकरी स्विच करते हैं और एक नई कंपनी में शामिल होते हैं, तो आपका वीपीएफ आपके ईपीएफ खाते के साथ ट्रांसफर हो जाता है। आपके पास फंड निकालने और खाता बंद करने या वीपीएफ में निवेश जारी रखने का विकल्प होता है।
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