क्रेडिट कार्ड आज के समय में बहुत उपयोगी माना जाता है। खरीदारी हो, ऑनलाइन पेमेंट हो या कैशबैक कार्ड हर जगह फायदे देता है। लेकिन कई बार लोग जल्दबाजी या लापरवाही में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनसे उनका कर्ज बढ़ जाता है और सिबिल स्कोर भी गिर जाता है। अगर इन आदतों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आगे चलकर लोन लेना या कार्ड लिमिट बढ़वाना भी मुश्किल हो सकता है।

लिमिट के करीब जाकर खर्च करना
कई लोग क्रेडिट कार्ड को बैंक अकाउंट की तरह इस्तेमाल करने लगते हैं और जितनी लिमिट होती है, लगभग उतना ही खर्च कर देते हैं। लेकिन यह आदत खतरनाक है। अगर आपकी लिमिट 5 लाख है और आप 4.5 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं, तो आपकी क्रेडिट यूज दर 90% हो जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह रेशियो 30% से ऊपर नहीं जाना चाहिए। ज्यादा उपयोग दर सीधे सिबिल स्कोर पर असर डालती है और आपका क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर दिखने लगता है।
ATM से कैश निकालना सबसे महंगा
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने की सुविधा होती जरूर है, लेकिन यह फीचर बहुत महंगे चार्ज के साथ आता है। बैंक 2.5-3% तक कैश एडवांस फीस वसूलते हैं, उस पर रोजाना ब्याज भी जुड़ता रहता है सबसे बड़ी बात, इसमें कोई ग्रेस पीरियड नहीं मिलता
यानि जिस दिन आपने कैश निकाला, उसी दिन से ब्याज लगना शुरू हो जाता है। केवल 10,000 रुपए निकालने पर भी एक महीने में रकम काफी बढ़ जाती है।
केवल मिनिमम ड्यू भरना पड़ सकता है भारी
बहुत से लोग बिल का पूरा पेमेंट नहीं कर पाते और केवल मीनिमम ड्यू भरकर बचने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह तरीका असल में कर्ज बढ़ाने का रास्ता है। अगर आपका बिल 50,000 है और आपने सिर्फ 5,000 जमा किए, तो बाकी राशि पर रोजाना ब्याज लगेगा। धीरे-धीरे कर्ज इतना बढ़ जाता है कि महीने भर की कमाई EMI और इंटरेस्ट चुकाने में ही खत्म हो जाती है।
बिना प्लान बड़ी खरीदारी करना जोखिमभरा
अगर आप सिर्फ कार्ड के भरोसे बड़ा गैजेट या महंगी यात्रा बुक कर लेते हैं और भुगतान की कोई योजना नहीं है, तो यह कदम आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकता है। बड़ी खरीदारी तभी करें जब आपके पास बैकअप पैसे हों या फिर EMI का प्लान पहले से तय हो।
असुरक्षित वेबसाइट से भुगतान बिल्कुल न करें
ऑनलाइन पेमेंट करते समय हमेशा वेबसाइट का URL चेक करना जरूरी है। HTTPS न होने वाली साइटों पर कार्ड डिटेल डालना डेटा चोरी, फ्रॉड और साइबर हैकिंग को बढ़ावा देता है। कई लोग नकली वेबसाइटों पर फंस जाते हैं और कार्ड का पूरा डेटा चोरी हो जाता है।
लेट पेमेंट से स्कोर पर सीधा असर
बिल देर से भरने पर न केवल लेट फीस लगती है, बल्कि यह आपकी क्रेडिट हिस्ट्री भी खराब कर देता है। बार-बार देरी से आपका सिबिल स्कोर गिरता है और भविष्य में किसी भी तरह का लोन लेना कठिन हो जाता है।
EMI और कर्ज के बीच कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल न करें
अगर पहले से कई EMI चल रही हों, तो क्रेडिट कार्ड पर नए खर्च आपकी वित्तीय स्थिति को और कमजोर कर देंगे। ऐसे समय में डेबिट कार्ड या UPI बेहतर विकल्प हैं, क्योंकि इससे अनावश्यक कर्ज बढ़ने का खतरा नहीं रहता।
समझदारी से करें इस्तेमाल, तभी मिलेगा पूरा फायदा
क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल उसे आपके लिए फायदेमंद बनाता है। लेकिन अगर गलतियां होने लगीं, तो यह सुविधा बोझ बन जाती है। इसलिए लिमिट का कम यूज करें, समय पर पूरा पेमेंट करें, सुरक्षित वेबसाइट पर ही ट्रांजैक्शन करें, जरूरत हो तभी बड़ा खर्च करें। इन बातों का ध्यान रखेंगे तो क्रेडिट कार्ड आपकी आर्थिक सेहत को मजबूत बनाने में मदद करेगा, न कि कर्ज का कारण बनेगा।
More From GoodReturns

Britannia से Cummins तक, आज इन 5 शेयरों में हलचल, इंट्राडे में रखें नजर!

प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन का ऑफर आया है? 'Accept' दबाने से पहले ये गणित जरूर समझें

सोने में निवेश का सही फैसला: SGB, ETF या फिजिकल गोल्ड, आपके लिए क्या है बेस्ट?

Amazon-Flipkart सेल: बैंक ऑफर्स और EMI का सही गणित, शॉपिंग से पहले ये जरूर देखें

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Godrej Consumer Q1 Results: आज नतीजों के साथ डिविडेंड का धमाका? निवेशकों की नजरें इन 3 ट्रिगर्स पर

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

Jio का ₹10,000 वाला Freedom Pack: 15 महीने की वैलिडिटी और फ्री OTT, क्या है पूरी सच्चाई?

ITR रिफंड का पैसा आना शुरू: क्या आपके खाते में आया? तुरंत चेक करें ये 3 जरूरी चीजें

सरकारी बॉन्ड नीलामी: FD से बेहतर रिटर्न या जोखिम? जानें निवेश का सही तरीका

ब्रिटानिया के Q1 नतीजे आज: क्या बिस्कुट-केक के दाम बढ़ेंगे? निवेशकों की इन बातों पर टिकी नजर



Click it and Unblock the Notifications