UPS Yojana: केंद्र सरकार ने 24 अगस्त को सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है. सरकारी कर्मचारी पिछले कई सालों से पुरानी पेंशन स्कीम यानी नेशनल पेंशन स्कीम का विरोध कर रहे थें. जिसके बाद केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना की शुरुआत की है. लेकिन इस पेंशन स्कीम में भी एक बड़ी खामी है. जिसकी वजह से यह स्कीम सरकारी कर्मचारियों पर भारी पड़ सकती है. चलिए इस खामी के बारे में जानते हैं.

यूपीएस को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) भी कहा जाता है. इस स्कीम का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को बेहतर पेंशन सुविधा देना है. लेकिन इस नई पेंशन योजना में एक बहुत बड़ी खामी है.
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक यूपीएस की सबसे बड़ी कमी वीआरएस में आती है. वीआरएस को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना कहा जाता है. वीआरएस के तहत कोई भी सरकारी कर्मचारी समय से पहले रिटायरमेंट ले सकता है.
लेकिन जो भी कर्मचारी वीआरएस के तहत समय से पहले रिटायरमेंट ले लेता है. तो उसे नई पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सकता. यूनिफाइड पेंशन स्कीम का फायदा पेंशन सेवानिवृत्ति के तहत आयु पूरी होने पर ही लिया जाता है. मतलब चाहे किसी कर्मचारी ने समय से पहले रिटायरमेंट ले ली हो, उसे 60 साल पूरे होने पर ही यूपीएस का फायदा मिलेगा.
यहीं नियम इस योजना की सबसे बड़ी कमी बन जाती है. लोगों का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति ने समय से पहले रिटायरमेंट ली हो, तो इस बात का क्या भरोसा है, वह 10 साल तक जिंदा रहेगा.
इसके अलावा यह भी पता चला है कि देश में रिटायरमेंट की अवधि अलग-अलग है. जैसे सरकारी विश्वविद्यालयों में रिटायरमेंट की उम्र 65 साल है. इसके अलावा कुछ सरकारी विभाग में 60 साल और बाकी में 58 उम्र में ही व्यक्ति रिटायर हो जाता है. लेकिन 58 उम्र में रिटायर होने वाला व्यक्ति इस स्कीम के तहत पेंशन का लाभ नहीं उठा सकता. उसे यूपीएस स्कीम से पेंशन का लाभ लेने के लिए 2 साल का इंतजार करना पड़ेगा.
पेंशन लाभार्थी चाहते हैं कि केंद्र सरकार अपनी नई पेंशन स्कीम में सुधार करें. इस स्कीम का वीआरएस पर लगने वाला नियम को हटा दें. ताकि वीआरएस से रिटायरमेंट लेने वाला व्यक्ति भी यूपीएस का फायदा उठा पाएं.
केंद्र की नई पेंशन योजना में अगर कमियां है, तो इसके कई फायदें भी है.
यूपीएस से जुड़े फायदें
केंद्र की नई पेंशन स्कीम यानी यूपीएस के तहत 10 साल तक नौकरी करने वाले व्यक्ति को 10,000 रुपये पेंशन दी जाएगी. वहीं अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने 25 साल तक काम किया है, तो यूपीएस के तहत उसकी पेंशन काम करने की अवधि और इनकम पर आधारित होगी.
इसके अलावा भी यूपीएस के कई फायदें हैं. जैसे इस योजना के तहत पेंशन में सरकार 18.5 फीसदी योगदान देगी. इसके साथ ही कर्मचारी का योगदान 10 फीसदी होगा.
अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो यूपीएस के तहत उसकी पेंशन का 60 फीसदी हिस्सा परिवार वालों को दिया जाएगा.
सरकारी कर्मचारी अपनी इच्छा अनुसार यूपीएस या एनपीएस में से कोई एक चुन सकते हैं.
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