UPS to NPS: सरकारी कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार ने शुरु की ये खास सुविधा - जानें फुल डिटेल

UPS to NPS: केंद्र की मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए समय-समय पर कई महत्ववूर्ण कदम उठाए हैं और अब एक और बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्त मंत्रालय ने पेंशन स्कीम को चुनने को लेकर एक खास सुविधा दी है।

ups to nps switch deadline

मंत्रालय ने एकमुश्त, एकतरफा स्विच सुविधा शुरू की है, जिससे एकीकृत पेंशन योजना (यूनिफाइड पेंशन स्कीम यूपीएस) चुनने वाले कर्मचारी अपने पेंशन खातों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में स्थानांतरित कर सकते हैं।

तो आइए जानते हैं कि सरकार के फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों को क्या फायदा होगा और इससे जुड़े तमाम डिटेल्स के बारे में...

नई स्विच सुविधा क्या है? (What is the new switch facility?)

वित्त मंत्रालय ने अपनी लेटेस्ट अधिसूचना में कहा है कि यूपीएस ग्राहक अब अपनी सेवानिवृत्ति से एक वर्ष पहले तक या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के मामले में निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि से तीन महीने पहले तक किसी भी समय एनपीएस में स्विच कर सकते हैं।

सबसे खास और बड़ी बात कि यह विकल्प कुछ संशोधनों के साथ नियम 56J के तहत इस्तीफा देने वाले या सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होता है। हालांकि, जो कर्मचारी निर्धारित समय सीमा के भीतर इस स्विच का उपयोग नहीं करते हैं, वे डिफॉल्ट रूप से यूपीएस के तहत बने रहेंगे।

स्विच के लिए कौनसे कर्मचारियों होंगे पात्र?

सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, स्विच करने की यह सुविधा विशेष रूप से यूपीएस में वर्तमान में नामांकित केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। इसमें कहा गया है कि स्वीच करने की यह सुविधा एकतरफा है यानी यदि आप एक बार स्वीच कर गए तो दोबारा बापस पुराने स्कीम में नहीं लौट सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, निष्कासन, बर्खास्तगी, दंड के रूप में अनिवार्य सेवानिवृत्ति, या चल रही अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित मामलों में कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा यानी वह स्वीच नहीं कर सकते हैं।

एनपीएस में जाने से क्या बदल जाएगा?

यदि आप यूपीएस से एनपीएस में जाते हैं तो पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत निकासी और निकासी) विनियम, 2015 के प्रावधानों द्वारा शासित होंगे। इसका अर्थ है कि वे यूपीएस के तहत सुनिश्चित भुगतान या अन्य लाभों के लिए पात्र नहीं होंगे।

इसके अलावा, डिफ़ॉल्ट निवेश पैटर्न के आधार पर सरकार का 4% का अंतर अंशदान, यूपीएस से बाहर निकलने के समय व्यक्ति के एनपीएस कोष में गणना करके जमा किया जाएगा। कई लोगों का मानना है कि एनपीएस एक फ्लैक्सिबल और बाजार से जुड़ी पेंशन योजना है जिसमें यूपीएस के मुकाबले निश्चित भुगतान की तुलना में संभावित रूप से अधिक रिटर्न प्रदान मिलता है।

[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]

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