UPI shutdown: 2 अक्टूबर को UPI बंद? No UPI Day की वायरल खबर का पूरा सच!

UPI Shutdown: 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन क्या देशभर में UPI बंद हो जाएगा? क्या दुकानों पर UPI QR Code काम नहीं करेगा और ग्राहक UPI से payment नहीं कर पाएंगे? सोशल मीडिया पर 'No UPI Day' को लेकर कई दावे वायरल हो रहे हैं। लेकिन पूरे देश में UPI बंद होने की खबर में कितना सच है?

2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI बंद होने की कोई confirmed nationwide announcement नहीं है।

UPI Shutdown

CAIT ने No UPI Day से किया इनकार

Confederation of All India Traders यानी CAIT ने साफ कहा है कि उसने देशभर में 'No UPI Day' मनाने का कोई call नहीं दिया है। CAIT ने सोशल मीडिया पर चल रही ऐसी खबरों को fake और misleading बताया है और लोगों से official statements पर भरोसा करने की अपील की है।

हालांकि, मामला पूरी तरह खत्म नहीं होता, क्योंकि कुछ दूसरे व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को UPI के खिलाफ symbolic protest का ऐलान किया है।

AIMRA करेगा Symbolic Protest

All India Mobile Retailers Association यानी AIMRA ने 2 अक्टूबर को 'No UPI Day' मनाने की घोषणा की है।

इस protest के तहत mobile retailers अपने UPI QR Codes, sound boxes और scanners को काले कपड़े से ढक सकते हैं। कुछ व्यापारी उस दिन UPI payments accept नहीं करने का symbolic फैसला भी ले सकते हैं।

लेकिन व्यापारियों का विरोध UPI या Digital India के खिलाफ नहीं है। असली विवाद proposed Merchant Discount Rate यानी MDR को लेकर है।

क्या है 0.4% UPI MDR?

प्रस्तावित framework के तहत 15 अक्टूबर से कुछ merchant UPI transactions पर 0.4% MDR लागू करने की बात कही गई है। यह charge ₹2,000 से ज्यादा के eligible merchant UPI payments पर लागू होगा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई customer किसी दुकान पर ₹10,000 का eligible UPI payment करता है, तो 0.4% के हिसाब से MDR करीब ₹40 हो सकता है।

हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि यह पैसा सीधे customer से लेने का प्रावधान नहीं है। Finance Ministry के मुताबिक MDR कोई tax, cess या government surcharge नहीं है। इसका हिस्सा merchant, bank, payment gateway, UPI app और payment ecosystem से जुड़े दूसरे participants के बीच बांटा जाएगा।

छोटे Retailers को क्यों है चिंता?

व्यापारी संगठनों की चिंता transaction cost बढ़ने को लेकर है।

AIMRA के अनुमान के मुताबिक, अगर कोई छोटा mobile retailer हर महीने ₹5 लाख से ₹30 लाख तक का कारोबार UPI के जरिए करता है, तो proposed MDR के कारण करीब ₹2,000 से ₹12,000 प्रति महीने का अतिरिक्त burden आ सकता है।

Association का दावा है कि देशभर के छोटे mobile retailers पर इसका कुल असर करीब ₹40 करोड़ प्रति महीने और लगभग ₹500 करोड़ प्रति साल तक पहुंच सकता है।

Retailers का कहना है कि mobile business में margins पहले से कम हैं। ऐसे में digital payments पर अतिरिक्त cost बढ़ने से profits पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से व्यापारी संगठन zero-MDR व्यवस्था जारी रखने की मांग कर रहे हैं।

हर UPI Payment पर नहीं लगेगा MDR

यह भी समझना जरूरी है कि proposed framework के तहत हर UPI transaction पर 0.4% MDR नहीं लगेगा। Person-to-person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI payments इस framework से बाहर रहेंगे। छोटे payments पर भी यह charge लागू नहीं होगा। ₹2,000 से ज्यादा के कुछ eligible merchant payments पर 0.4% MDR लागू होगा। वहीं ₹75,000 या उससे ज्यादा के transactions पर MDR ₹300 तक capped रहेगा। Mutual funds, securities और stockbrokers से जुड़े payments के लिए 0.02% MDR का provision बताया गया है, जिसकी maximum limit ₹300 होगी।

कुछ Sectors में ₹5 Flat MDR

कुछ essential और low-margin sectors के लिए flat MDR का proposal भी है। Railways, Telecom, Insurance, Fuel और Agricultural Inputs जैसे sectors में ₹2,000 से ज्यादा के eligible transactions पर ₹5 flat MDR लगाया जा सकता है। यानी अलग-अलग categories के UPI payments के लिए MDR की दर अलग हो सकती है।

क्या Customer से MDR वसूला जा सकता है?

सरकार का कहना है कि MDR का बोझ customer पर नहीं डाला जाएगा। Finance Minister Nirmala Sitharaman के मुताबिक यह charge merchants और payment ecosystem से जुड़े दूसरे participants से संबंधित है, customer से सीधे लेने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, व्यापारी संगठनों को चिंता है कि merchants की cost बढ़ने पर कुछ दुकानदार indirectly customers से पैसा वसूलने की कोशिश कर सकते हैं। उदाहरण के लिए UPI payment पर extra charge मांगना या cash payment के लिए अलग price बताना। इसी आशंका को देखते हुए Indian Banks' Association को awareness campaign और ऐसा mechanism तैयार करने को कहा गया है, जिससे merchants customers से MDR recover न कर सकें।

UPI MDR Framework को Court में चुनौती

इस proposed UPI MDR framework को कानूनी चुनौती भी दी गई है। Supreme Court में दायर याचिका में इस charge की process, transparency, consultation और छोटे कारोबारियों पर इसके असर को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

2 अक्टूबर को क्या सच में बंद रहेगा UPI?

सबसे अहम सवाल का जवाब है-नहीं। 2 अक्टूबर को पूरे देश में UPI system बंद होने की कोई confirmed nationwide announcement नहीं है। CAIT ने nationwide 'No UPI Day' call से इनकार किया है, जबकि AIMRA और कुछ अन्य व्यापारी संगठनों ने अपने स्तर पर symbolic protest का ऐलान किया है।

इसलिए संभव है कि कुछ शहरों या कुछ दुकानों पर UPI QR Codes ढके जाएं या payment accept करने से इनकार किया जाए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में UPI system बंद हो जाएगा।

ग्राहकों को किसी भी viral message पर भरोसा करने के बजाय official information verify करनी चाहिए। अगर कोई merchant UPI payment पर अलग से charge मांगता है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी लें और payment receipt जरूर रखें।

यानी 2 अक्टूबर को UPI पूरी तरह बंद होने की खबर भ्रामक है। असली विवाद proposed MDR को लेकर है, जिस पर merchant organisations विरोध कर रहे हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+