Aadhaar Card: आज के डिजिटल दौर में आधार कार्ड हर भारतीय के लिए एक अहम दस्तावेज बन चुका है। बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, मोबाइल सिम या किसी सरकारी फॉर्म में पहचान साबित करने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है।

लेकिन बढ़ते साइबर फ्रॉड और डेटा चोरी के मामलों को देखते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए नया फीचर 'आधार डेटा वॉल्ट' (Aadhaar Data Vault) लॉन्च किया है। इसका मकसद लोगों के पर्सनल डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखना है।
क्या है आधार डेटा वॉल्ट?
'आधार डेटा वॉल्ट' एक सुरक्षित डिजिटल स्टोरेज सिस्टम है, जिसमें आधार नंबर और उससे जुड़ी पर्सनल जानकारी को एन्क्रिप्टेड रूप में (Encrypted Format) रखा जाएगा। मतलब, इस सिस्टम में आपका डेटा कोड के रूप में बदल दिया जाता है, जिसे बिना इजाजत कोई भी व्यक्ति या संस्था पढ़ नहीं सकती।
इस वॉल्ट में नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल, फोटो जैसी जानकारी स्टोर की जाती है। यह सिस्टम Hardware Security Module (HSM) तकनीक पर आधारित है, जो डेटा को उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करता है। इससे डेटा लीक या हैकिंग की संभावना बहुत कम हो जाती है।
किन संस्थाओं को अपनाना होगा यह सिस्टम?
UIDAI के नियमों के अनुसार, वे सभी रिक्वेस्टिंग एंटिटीज (Requesting Entities) जिन्हें आधार नंबर और उससे जुड़े डेटा का उपयोग करना होता है जैसे बैंक, बीमा कंपनियां, मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर, सरकारी विभाग आदि उन्हें आधार डेटा वॉल्ट को अपनाना अनिवार्य है।
ये संस्थाएं जब किसी व्यक्ति की पहचान के लिए आधार जानकारी का इस्तेमाल करती हैं, तो यह सिस्टम तय करेगा कि डेटा किसी भी हालत में लीक न हो और केवल अधिकृत लोगों तक ही उसकी पहुंच रहे।
क्यों जरूरी है 'आधार डेटा वॉल्ट'?
देश में डिजिटल फ्रॉड और डेटा चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए UIDAI का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है। इस फीचर का मुख्य उद्देश्य निजी जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखना है। आधार डेटा वॉल्ट डेटा को एन्क्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर करता है, जिससे किसी भी तरह के अनधिकृत एक्सेस या साइबर हमले से बचाव हो सके।
घर बैठे कर सकेंगे आधार अपडेट
UIDAI ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधार अपडेट की प्रक्रिया को भी आसान बना दिया है। अब नागरिक घर बैठे अपने पते, मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी को ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। इसके लिए सिस्टम को जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, PAN, मनरेगा और बिजली बिल जैसी डेटाबेस सेवाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे जानकारी का ऑटो-वेरिफिकेशन आसान हो जाएगा और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।
UIDAI का यह नया 'आधार डेटा वॉल्ट' फीचर देश में डिजिटल पहचान की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है। इससे लोगों का आधार डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और धोखाधड़ी या डेटा चोरी के मामलों में कमी आएगी। यह पहल भारत को सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल सिस्टम की दिशा में एक और मजबूत कदम के रूप में देखा जा रहा है।


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