TRAI की सख्त चेतावनी: KYC और OTP के नाम पर हो रही है बड़ी ठगी, तुरंत बदलें ये आदतें

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 7 सितंबर 2026 को साइबर फ्रॉड को लेकर एक नई एडवायजरी जारी की है। ठग अब ट्राई के नाम का गलत इस्तेमाल करके लोगों को फर्जी KYC (नो योर कस्टमर) अपडेट के जाल में फंसा रहे हैं। इसके अलावा, OTP हासिल करने और QR कोड के जरिए चूना लगाने की नई-नई तरकीबें अपनाई जा रही हैं। नियामक ने लोगों को तुरंत सावधान रहने की सलाह दी है। ध्यान रखें, कभी भी किसी से अपना OTP शेयर न करें और रिफंड या कैशबैक का लालच देने वाले किसी भी अनजान QR कोड को स्कैन न करें।

ठग आजकल इतने शातिर हो गए हैं कि लोगों को डराने के लिए असली जैसे दिखने वाले कॉल, ईमेल और लेटर का सहारा ले रहे हैं। आजकल 'डिजिटल अरेस्ट', KYC न होने पर SIM बंद करने की धमकी और मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर सबसे ज्यादा ठगी हो रही है। TRAI ने साफ किया है कि वह कभी भी किसी को SIM बंद करने का नोटिस नहीं भेजता और न ही आधार, बैंक डिटेल या OTP जैसी गोपनीय जानकारी मांगता है। SIM ब्लॉक करने का अधिकार सिर्फ आपकी टेलीकॉम कंपनी के पास होता है, ट्राई के पास नहीं।

TRAI Cyber Fraud Warning 2026: How to Protect Yourself from Fake KYC, OTP, and QR Code Scams

TRAI की चेतावनी: फेक KYC, OTP और QR कोड स्कैम से ऐसे बचें

स्कैमर्स अक्सर इस तरह के मैसेज भेजते हैं- 'आपका KYC एक्सपायर हो गया है, तुरंत अपडेट करें वरना SIM ब्लॉक हो जाएगी।' वहीं कुछ लोग रिफंड का झांसा देकर QR कोड स्कैन कराने या जल्दबाजी में OTP मांगने की कोशिश करते हैं। किसी के भी कहने पर *401# जैसा कोई कॉल-फॉरवर्डिंग कोड डायल न करें। इसके अलावा, रिमोट-एक्सेस या स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स से दूर रहें, क्योंकि इनसे साइबर अपराधी आपके बैंकिंग PIN और पर्सनल डिटेल्स आसानी से देख लेते हैं। अगर कोई ऐसे ऐप डाउनलोड करने को कहे, तो तुरंत फोन काट दें और इसकी रिपोर्ट करें।

ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए तुरंत करें ये काम

किसी भी धमकी भरे कॉल या मैसेज की सच्चाई जानने के लिए सीधे अपनी मोबाइल कंपनी के ऑफिशियल ऐप या वेबसाइट पर जाएं, किसी अनजान लिंक पर कभी भरोसा न करें। मैसेज असली है या फर्जी, इसे TRAI की रजिस्ट्री के जरिए सेंडर हेडर जांचकर चेक करें। फर्जी कॉल या मैसेज की शिकायत DND में करने के बजाय दूरसंचार विभाग (DoT) के 'चक्षु' (Chakshu) पोर्टल पर दर्ज कराएं। कभी भी OTP न बताएं और न ही किसी को स्क्रीन शेयर करने दें। अगर गलती से कॉल फॉरवर्डिंग ऑन हो गई है, तो उसे तुरंत बंद करें। यह बात हमेशा याद रखें कि पैसे पाने (रिफंड या कैशबैक) के लिए कभी भी QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। इसके अलावा, व्हाट्सएप का 'Silence Unknown Callers' फीचर चालू रखें और समय-समय पर लिंक्ड डिवाइसेस चेक करते रहें।

माध्यम / हेल्पलाइनशिकायत दर्ज करने का तरीका
1930 हेल्पलाइनबिना देर किए तुरंत कॉल करें; बैंक डिटेल, UPI आईडी और लेनदेन का समय बताएं, फिर शिकायत का टिकट नंबर संभालकर रखें।
Cybercrime.gov.inपोर्टल पर Report Cybercrime > Financial fraud में जाएं; ट्रांजैक्शन आईडी, अकाउंट नंबर, स्क्रीनशॉट और FIR की कॉपी अटैच करें।
चक्षु (संचार साथी)फर्जी कॉल, SMS या व्हाट्सएप मैसेज आने पर संबंधित नंबर, तारीख, समय और मैसेज की जानकारी डालकर शिकायत सबमिट करें।

अचानक आए किसी भी कॉल या मैसेज पर बिना सोचे-समझे भरोसा न करें। 7 सितंबर की यह एडवायजरी याद दिलाती है कि ठग जल्दबाजी और डर का फायदा उठाकर ही अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए थोड़े सतर्क रहें, सही प्लेटफॉर्म से जानकारी की पुष्टि करें और ठगी होने पर तुरंत 1930 या साइबर पोर्टल पर रिपोर्ट करें। आपकी यही सतर्कता तय करेगी कि आपका पैसा सुरक्षित रहेगा या डूबेगा।

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