नयी दिल्ली। इसमें कोई दो राय नहीं है कि एफडी से ज्यादा रिटर्न म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में मिलता है। मगर अभी भी बहुत से निवेशक एफडी को ही पसंद करते हैं। पैसों के घटने की कोई टेंशन न होने की वजह से एफडी को भारत में काफी पसंद किया जाता है। मगर जैसा कि आप जानते होंगे बैंकों ने पिछले कुछ समय में एफडी की ब्याज दरों में काफी कटौती की है। इससे एफडी पर रिटर्न काफी कम हो गया है। अगर आप एफडी में ही निवेश करके अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं तो इसका एक तरीका है। तरीका ये है कि आप बैंक एफडी के बजाय कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करें। बैंकों की ही तरह फाइनेंस कंपनियां भी एफडी की सुविधा देती हैं। इनमें ब्याज भी अधिक मिलेगा। यहां हम आपको उन टॉप कॉर्पोरेट एफडी ऑप्शंस के बारे में बताएंगे, जिनमें आपको 9 फीसदी तक की ऊंची ब्याज दर मिलेगी।
किसके लिए बेस्ट है कॉर्पोरेट एफडी
9 फीसदी की ऊंची ब्याज दर कहां मिल रही है इससे ये पहले ये जानना जरूरी है कि कॉर्पोरेट एफडी किसके लिए बेस्ट है। बैंक में आपकी 5 लाख रु तक की राशि का बीमा होता है। जो बैंक के डूबने पर जरूर मिलेगा। मगर कॉर्पोरेट एफडी में ऐसी सुविधा नहीं होती है। इसलिए आपको उस कंपनी को चुनना चाहिए जिसकी वित्तीय हालत अच्छी हो। दूसरे कॉर्पोरेट एफडी उन लोगों के लिए और भी बढ़िया है, जिनके वित्तीय लक्ष्य छोटी अवधि के हैं।
किन डॉक्यूमेंट्स की होगी जरूरत
कॉर्पोरेट एफडी में निवेश करने के लिए आपको नीचे बताए जाने वाले दस्तावेजों की जरूरत होगी :
पहचान प्रूफ : आधार कार्ड, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, 2 कलर पासपोर्ट साइज फोटो
एडरेस प्रूफ : आधार, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड, बिजली बिल
इनकम प्रूफ : बैंक स्टेटमेंट, सैलेरी प्रूफ, मनरेगा जॉब कार्ड, कर्मचारी आईडी और इनकम टैक्स रिटर्न
कॉर्पोरेट एफडी के फायदे
- बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इनमें आपको एक सुनिश्चित रिटर्न मिलता है
- कंपनी की फिक्स्ड डिपॉजिट पर बैंक डिपॉजिट की तरह ही बुजुर्ग को 0.25 फीसदी या अधिक ब्याज दर मिलती है। यह उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अतिरिक्त लाभ है, जो रिटायरमेंट के लिए एफडी रिटर्न पर निर्भर हैं
- आमतौर पर कॉर्पोरेट फिक्स्ड डिपॉजिट की अवधि एक से पांच साल तक होती है। और इन्हीं में आपको किसी एक अवधि को चुनने की स्वतंत्रता मिलती है। ब्याज दर अवधि के लिहाज से अलग होगी। मगर जितना लंबी अवधि होगी उतना ही बेहतर रिटर्न मिलेगा
कॉर्पोरेट एफडी के नुकसान
- निवेश किए पैसे पर बैंक के उलट कोई गारंटी नहीं होती
- ब्याज राशि की भी गारंटी नहीं होती। यदि कंपनी के सामने दिक्कत आई तो आपको पैसे से हाथ धोना पड़ सकता है। मगर ये एक अपवाद भी है
- कॉर्पोरेट एफडी के रिटर्न पर टैक्स लगता है
- समय से पहले पैसा निकालने पर ब्याज दर घटा दी जाती है
यहां से पाएं 9 फीसदी तक ब्याज
हॉकिंस कुकर एफडी पर आपको 12 से 36 महीनों की अवधि पर 9 फीसदी, श्रीराम सिटी यूनियन फाइनेंस में 12-60 महीनों पर 8.09 फीसदी, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस में 12-60 महीनों पर 8.09 फीसदी, हुडको में 12-60 महीनों की एफडी पर 7.3 फीसदी और बजाज फाइनेंस में 12-120 महीनों पर 7 फीसदी ब्याज मिलेगा।


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