नयी दिल्ली। टैक्स बचाना कौन नहीं चाहेगा। आप भी अलग-अलग तरीकों से टैक्स बचाने का प्रयास करते होंगे। इनमें निवेश करके टैक्स बचाना की कोशिश करना काफी आम बात है। अधिकतर लोग यह निवेश अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत फ्यूचर की सुरक्षा के लिए करते हैं। वहीं लोग लगभग हमेशा ही सेक्शन 80 सी के तहत टैक्स बेनेफिट लेने पर ध्यान लगाये रहते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि ऐसे कई सेक्शन हैं, जिनके अंतर्गत इनकम टैक्स की बचत करना संभव है। हम आपको बताते हैं ऐसे ही 5 खास विकल्प, जिनके जरिये आप 1.5 लाख रुपये के ऊपर टैक्स बचा सकते हैं। इनमें सबसे पहले आता है स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम। यदि आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं, तो सेक्शन 80 डी के तहत टैक्स कटौती का क्लेम जरूर करें। 25,000 रुपये की राशि टैक्स ब्रेक के योग्य होती है, जबकि वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह 30,000 रुपये तक बढ़ जाती है। इस सेक्शन के तहत छूट की सीमा केवल 60,000 रुपये पर निर्धारित की गई है। आइये जानते हैं ऐसे 4 अन्य विकल्पों के बारे में।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस)
क्या आप जानते हैं कि यदि आप राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली या एनपीएस में निवेश करते हैं, तो आपकी एनपीएस के तहत 50,000 रुपये तक के निवेश पर अतिरिक्त टैक्स बचत होती है। सरकार ने यह योजना 2009 में शुरू की थी और आप 50,000 रुपये तक के निवेश के लिए सब-सेक्शन 80 सीसीडी (1 बी) के तहत अतिरिक्त टैक्स कटौती के योग्य हो जाते हैं। इसे 80 सी के तहत टैक्स बेनेफिट के साथ नहीं जोड़ा जाता, जिसमें आपको अलग से 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर लाभ मिलता है। एनपीएस सार्वजनिक, निजी और यहां तक कि असंगठित क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए भी है। टैक्स बचाने के लिए एक अच्छा विकल्प है, मगर इसकी निवेश प्रकृति लंबी अवधि की है।
एजुकेशन लोन पर ब्याज पर सेक्शन 80 ई के तहत टैक्स बेनेफिट
अगर आपने अपने बच्चे या खुद अपने लिए ही एजुकेशन लोन लिया है, तो आप सेक्शन 80 ई के तहत टैक्स बेनेफिट का दावा कर सकते हैं। एजुकेशन लोन पर ब्याज टैक्स छूट के लिए योग्य है। इसका मतलब है कि यह बेनेफिट बच्चे के साथ-साथ माता-पिता के लिए भी है। हालांकि यहां एक लिमिट है कि इस तरह की कटौती का दावा करने के लिए अधिकतम समयावधि 8 वर्ष है। इस तरह की कटौती का दावा केवल व्यक्तिगत आधार पर किया जा सकता है। हिंदू यूनाइटेड फैमिली को इसकी अनुमति नहीं है। एक सवाल यहां बनता है कि छूट के लिए ब्याज की सीमा क्या है? जवाब है फिलहाल ऐसी कोई सीमा नहीं है।
बचत खाता ब्याज और सेक्शन 80 जी के तहत दान
यह जानना जरूरी है कि बैंक एफडी पर ब्याज, टैक्स छूट के लिए बिल्कुल भी योग्य नहीं है। हालांकि अगर आपको बचत खाते पर ब्याज मिले तो वो टैक्स छूट के लिए योग्य हैं। मगर यहां सीमा 10,000 रुपये तक ही सीमित है। इसका मतलब यह है कि यदि बचत बैंक खाते में आपकी ब्याज आय 10,000 रुपये से अधिक है, तो आपको उसी पर टैक्स का भुगतान करना होगा। वहीं यदि आप केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित संस्थानों या संगठनों को डोनेशन करते हैं, तो आप टैक्स छूट के पात्र होंगे। सरकार द्वारा अधिसूचित कुछ फंडों में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष, राष्ट्रीय रक्षा कोष, जवाहरलाल नेहरू स्मारक निधि, प्रधानमंत्री सूखा राहत कोष शामिल हैं।
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