TDS रिटर्न फाइलिंग की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर: पेनल्टी से बचने के लिए देखें ये जरूरी चेकलिस्ट

31 अक्टूबर 2026 (शनिवार) की तारीख अब बिल्कुल करीब है और इसके साथ ही दूसरी तिमाही (Q2) का TDS रिटर्न फाइल करने की आखिरी डेडलाइन भी सिर पर आ गई है। सैलरी से जुड़े मामलों के लिए फॉर्म 138, रेसिडेंट्स के नॉन-सैलरी पेमेंट्स के लिए फॉर्म 140 और नॉन-रेसिडेंट्स के पेमेंट्स के लिए फॉर्म 144 दाखिल किया जाता है। ध्यान रखें कि ऑडिटेड रिटर्न की तारीख बढ़ने से TDS स्टेटमेंट जमा करने की डेडलाइन नहीं बढ़ती। आखिरी वक्त में इनकम टैक्स पोर्टल पर हैवी ट्रैफिक हो सकता है, इसलिए अपना काम समय पर निपटाने के लिए इस चेकलिस्ट की मदद लें।

31 अक्टूबर तक जुलाई से सितंबर 2026 तिमाही के TDS स्टेटमेंट दाखिल करने हैं। चाहे सरकारी टैक्स डिडक्टर हों या गैर-सरकारी, सभी के लिए यह नियम और डेडलाइन एक समान है। वहीं, चालान-कम-स्टेटमेंट (26QB, 26QC या 26QD) का इस्तेमाल करने वाले छोटे डिडक्टर्स पर 30 दिनों का नियम लागू होता है, जो तिमाही के बजाय महीना खत्म होने की तारीख से गिना जाता है। अपलोड और सर्टिफिकेट देने की समय-सीमा तय करते समय इस फर्क को ध्यान में जरूर रखें।

TDS Return Filing Deadline October 2026: Essential Checklist, Penalties, and Late Fees Guide

लास्ट मिनट TDS रिटर्न चेकलिस्ट: फॉर्म, लेट फीस और ब्याज का पूरा हिसाब

FVU फाइल तैयार करने से पहले CSI फाइल के जरिए चालान का मिलान कर लें और CIN या BIN डिटेल्स वेरिफाई कर लें। TAN, PAN नाम और सेक्शन कोड के साथ सरचार्ज व सेस की एंट्री सही जांचें। फॉर्म 144 भरते वक्त डिडक्टी (जिसका टैक्स कटा है) की रेसिडेंसी और देश की जानकारी क्रॉस-चेक करें। अब लेटेस्ट यूटिलिटी का इस्तेमाल करके FVU फाइल जनरेट करें और इसे DSC या EVC के जरिए ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर दें। फाइलिंग पूरी होते ही एक्नॉलेजमेंट रसीद तुरंत डाउनलोड कर लें।

लेट फीस, जुर्माना और सामान्य गलतियां

समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर सेक्शन 234E के तहत 200 रुपये प्रति दिन की लेट फीस लगती है (जो कुल TDS राशि से ज्यादा नहीं हो सकती)। देरी से या गलत स्टेटमेंट देने पर सेक्शन 271H के तहत 10,000 रुपये से लेकर 1,00,000 रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है। हालांकि, अगर बकाया टैक्स चुका दिया जाए और 1 साल के भीतर स्टेटमेंट फाइल कर दिया जाए, तो आमतौर पर यह पेनल्टी माफ कर दी जाती है। वहीं, TDS रकम जमा करने में देरी पर हर महीने 1.5% ब्याज लगता है। PAN नंबर में गड़बड़ी, गलत सेक्शन कोड या चालान मिसमैच जैसी गलतियों से बचें और अगर कोई गलती हो जाए तो तुरंत सुधार (Correction) फाइल करें।

पुराना बनाम नया टैक्स रिजीम और सैलरी TDS

फीचरपुराना टैक्स रिजीमनया टैक्स रिजीम
डिडक्शंस (छूट)कई छूट उपलब्ध, जैसे 80C, 80D और HRAसीमित छूट; स्टैंडर्ड डिडक्शन की अनुमति
कम TDS के लिए प्रूफइन्वेस्टमेंट प्रूफ जमा करना जरूरीकम कागजी कार्रवाई; सामान्य डिक्लेरेशन
TDS प्लानिंगदावों (claims) के जरिए टैक्स एडजस्टमेंट का ज्यादा मौकाआसान टैक्स स्लैब; साल के अंत में कम सरप्राइज

उदाहरण से समझें: अगर किसी एम्प्लॉयर ने अगस्त में 20,000 रुपये का TDS काटा और 3 नवंबर को रिटर्न फाइल किया, तो फॉर्म 138 फाइल करने में 3 दिन की देरी हुई। ऐसे में सेक्शन 234E के तहत 600 रुपये (200x3) लेट फीस बनेगी। अगर टैक्स समय पर सरकारी खजाने में जमा कर दिया गया था, तो ब्याज शून्य होगा। लेकिन अगर टैक्स जमा करने में 10 दिन की भी देरी हुई, तो 1 पूरे महीने का 1.5% ब्याज देना होगा। इसलिए पेरोल डेटा के साथ टैक्स रिजीम के विकल्प और HRA की जानकारी का सही मिलान सुनिश्चित करें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+