अगर आप आज TCS रिटर्न दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं, तो रुकिए! आपकी Q2 TCS रिटर्न की आखिरी तारीख अब 15 अक्टूबर नहीं, बल्कि 31 अक्टूबर 2026 है। दरअसल, 2026 में हुए नए बदलावों के तहत तिमाही रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइंस को एक जैसा कर दिया गया है। इसके अलावा, TCS स्टेटमेंट को अब फॉर्म 27EQ (Form 27EQ) के बजाय नया फॉर्म 143 (Form 143) नाम दिया गया है। इस बदलाव से TCS और TDS कैलेंडर एक समान हो गए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स को महीने के बीच में होने वाली हड़बड़ी से राहत मिलेगी। कई पुराने प्रिंटेड कैलेंडरों में अभी भी 15 अक्टूबर ही दर्ज है, लेकिन Q2 फाइलिंग के लिए अब यह तारीख बदल चुकी है।
यह नया शेड्यूल किन पर लागू होगा? इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 206C के तहत आने वाले सभी टैक्स कलेक्टर्स—जैसे कार डीलर्स और टूर ऑपरेटर्स—को इस नई डेडलाइन का पालन करना होगा। हालांकि, हर महीने टैक्स जमा करने (Monthly Deposit) की तारीखों और TCS दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है; केवल तिमाही फाइलिंग की डेडलाइन आगे बढ़ाई गई है। e-filing पोर्टल पर TAN क्रेडेंशियल्स के जरिए फाइल अपलोड करने और DSC (डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट) या EVC (इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड) की मदद से ई-वेरिफिकेशन करने की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी।

TDS/TCS की नई डेडलाइंस (वर्ष 2026)
| तिमाही (Quarter) | अवधि (Period) | नई यूनिफाइड डेडलाइन | कवर होने वाले रिटर्न |
|---|---|---|---|
| Q1 | अप्रैल–जून | 31 जुलाई | 24Q, 26Q, 27Q, 143 |
| Q2 | जुलाई–सितंबर | 31 अक्टूबर | 24Q, 26Q, 27Q, 143 |
| Q3 | अक्टूबर–दिसंबर | 31 जनवरी | 24Q, 26Q, 27Q, 143 |
| Q4 | जनवरी–मार्च | 31 मई | 24Q, 26Q, 27Q, 143 |
मिले अतिरिक्त समय का सही फायदा उठाएं और अपने Q2 रिटर्न का काम बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करें। सबसे पहले अपने लेजर का Form 26AS और AIS से मिलान करें, चालान का विवरण मैच करें और PAN या नाम की गलतियों को सुधारें। इसके बाद TRACES पोर्टल से कंसोलिडेटेड फाइल डाउनलोड करें, लेटेस्ट Return Preparation Utility (RPU) में Form 143 तैयार करें, File Validation Utility (FVU) के जरिए इसकी जांच करें और अपलोड के लिए ज़िप फाइल तैयार रखें। अगर आप सरकारी कलेक्टर हैं, तो BIN मैपिंग पहले से तैयार रखें।
पुराने बनाम नए TCS नियम
| नियम/विवरण | पुराना नियम (वित्त वर्ष 2025–26 तक) | नया नियम (वित्त वर्ष 2026–27 से) |
|---|---|---|
| तिमाही स्टेटमेंट (Quarterly Statement) | Form 27EQ | Form 143 |
| Q1 की आखिरी तारीख | 15 जुलाई | 31 जुलाई |
| Q2 की आखिरी तारीख | 15 अक्टूबर | 31 अक्टूबर |
| Q3 की आखिरी तारीख | 15 जनवरी | 31 जनवरी |
| Q4 की आखिरी तारीख | 15 मई | 31 मई |
समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर सेक्शन 234E के तहत प्रतिदिन 200 रुपये की लेट फीस लागू होगी, जो कुल टैक्स की रकम से अधिक नहीं हो सकती। इसके अलावा, सेक्शन 206C(7) के तहत देरी की अवधि पर 1 प्रतिशत प्रति माह या उसके हिस्से के हिसाब से ब्याज देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई एम्प्लॉयर 24Q रिटर्न 10 दिन देरी से दाखिल करता है, तो उसे 2,000 रुपये लेट फीस देनी होगी। वहीं, 5 दिन की देरी से Form 143 भरने वाले कलेक्टर को 1,000 रुपये लेट फीस के साथ-साथ टैक्स जमा करने में हुई देरी पर ब्याज भी चुकाना होगा।
Form 143 और ई-वेरिफिकेशन के लिए Q2 फाइलिंग चेकलिस्ट
रिटर्न भरने के लिए TAN लॉगिन के जरिए Form 143 अपलोड करें, कंट्रोल टोटल की जांच करें और DSC या EVC के जरिए ई-वेरिफिकेशन पूरा करें। यदि किसी कारणवश फाइल रिजेक्ट हो जाती है, तो लेट फीस से बचने के लिए तुरंत गलती सुधारकर दोबारा अपलोड करें। 31 अक्टूबर की डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए आज ही डेटा का पूरा रिकंसिलेशन, चालान वेरिफिकेशन और एक ट्रॉयल रन कर लें, ताकि अंतिम सबमिशन पूरी तरह त्रुटिरहित रहे।


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