How to save income tax: ईईई कैटेगरी के अंदर आने वाली स्कीम्स में तीन तरह से टैक्स की बचत होती है। आपको बता दें कि हर साल जमा करवाई जाने वाली राशि पर टैक्स नहीं लगता है।
इसके अलावा हर साल हासिल होने वाला ब्याज पर टैक्स नहीं लगता और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि भी टैक्स फ्री होती है।
इसमें इन्वेस्टमेंट, इंट्रस्ट, रिटर्न और मैच्योरिटी तीनों में टैक्स की बचत होती है। आपको यह पता होना चाहिए कि अगर आप इन स्कीम्स में निवेश कर रहे हैं तो आपको अच्छा रिटर्न मिलने के साथ-साथ टैक्स में भी छूट मिलती है।

सुकन्या समृद्धि योजना ,इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम, पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और एम्प्लॉई प्रोविडेंट प्लान EEE श्रेणी में आने वाली बचत योजनाएं हैं।
इन स्कीम्स में से आप अगर किसी भी स्कीम में निवेश करते हैं तो आपको सालभर में जमा कराई गई राशि पर टैक्स छूट मिलेगी।
इसमें निवेश किए गए पैसे पर मिले ब्याज पर टैक्स नहीं देना होगा और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि भी टैक्स फ्री होगी। आइए इन स्कीम्स के बारे में आपको बताते हैं।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम
इस स्कीम से टैक्स सेविंग की जा सकती है। इसमें 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है और इन स्कीम्स ने पिछले 5 साल के दौरान औसतन 18 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है।
इसका लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 साल का है, जो बाकी टैक्स सेविंग ऑप्शन्स से कम है। आपको बता दें कि इक्विटी फंड की कैटेगरी में आने के कारण साल में 1 लाख रुपये तक के मुनाफे पर टैक्स भी नहीं लगता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पीपीएफ अकाउंट में आप हर साल कम से कम 500 रुपये तथा अधिकतम 1,50,000 रुपये तक जमा कर सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट में जमा पैसे पर सरकार 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रही है।
यह ईईई कैटेगरी की स्कीम है और इसका मतलब है कि इसमें हर साल जमा करवाई जाने वाली राशि पर टैक्स नहीं लगता, इस राशि पर हर साल हासिल होने वाला ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाली पूरी राशि टैक्स फ्री होती है।
सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि खाते को मिनिमम 250 रुपये में खुलवाया जा सकता है और एक वित्त वर्ष में मिनिमम जमा 250 रुपये और मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तय की गई है।
इस योजना के तहत हर 10 साल से कम उम्र की बच्ची का खाता खुलवाया जा सकता है। इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने पर टैक्स छूट भी मिलती है।
ईपीएफ
अगर आप जॉब करते हैं तो आप ईपीएफ के जरिए अपना टैक्स बचा सकते हैं। ईपीएफ भी एक ऐसी योजना है जो ईईई श्रेणी के अंतर्गत आती है।
फिलहाल इस पर 8.25 फीसदी ब्याज दिया जाता है। इस स्कीम में पैसे जोड़कर आप अपने रिटायरमेंट के बाद के समय को आर्थिक रूप से सुरक्षित कर सकते हैं।
इस योजना का फायदा तभी मिलेगा जब लगातार एक साथ तक काम करते रहेंगे और ईपीएफ यानी कर्मचारी भविष्य निधि के एक्टिव मेंबर भी होंगे।


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