टैक्स ऑडिट और ITR डेडलाइन: 21 अक्टूबर और 21 नवंबर से पहले जरूर चेक करें ये जरूरी चीजें

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने की आखिरी तारीख गुरुवार, 21 अक्टूबर 2026 है। वहीं, ऑडिट वाले मामलों में इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की डेडलाइन शनिवार, 21 नवंबर 2026 तय की गई है। यह तारीख उन प्रोपराइटर्स और कंपनियों के लिए है, जो सेक्शन 139(1) की टेबल 2 और सेक्शन 44AB के तहत टैक्स ऑडिट के दायरे में आते हैं। फिलहाल ऑफिशियल पोर्टल पर डेडलाइन बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।

इस हफ्ते किसे फॉर्म 3CA या 3CB के साथ 3CD जमा करना जरूरी है? अगर किसी बिजनेस का टर्नओवर 10 करोड़ रुपये से ज्यादा है और उसकी कैश लेन-देन (कैश रसीद और पेमेंट) 5-5 पर्सेंट से कम है, तो ऑडिट कराना अनिवार्य है। वहीं, सेक्शन 44AD के तहत प्रिजम्पटिव टैक्स चुनने वाले कारोबारी डिजिटल लेनदेन के साथ 3 करोड़ रुपये तक की सीमा का फायदा उठा सकते हैं। प्रोफेशन्स के लिए सेक्शन 44ADA के तहत यह लिमिट 75 लाख रुपये तक है।

Tax Audit Report Deadline 2026: Essential Checklist for ITR Filing, Compliance Rules, and Tax Saving Tips

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट डेडलाइन: आखिरी 48 घंटों में जरूर चेक करें ये चीजें

आखिरी वक्त की हड़बड़ी से बचने के लिए कुछ जरूरी बातें गांठ बांध लें। ट्रायल बैलेंस का लेजर, बैंक रिकॉन्सिलिएशन और स्टॉक वैल्यूएशन से सही मिलान कर लें। मुख्य महीनों के लिए GSTR-1 और GSTR-3B का डेटा अपनी बुक्स से जरूर मैच करें। डॉक्यूमेंट साइन करने की तारीख पर ही यूनिक डॉक्यूमेंट आइडेंटिफिकेशन नंबर (UDIN) जनरेट करें और 15 दिनों के भीतर इसे पोर्टल पर अपडेट कर दें। अपनी जरूरत के मुताबिक फॉर्म 3CA-3CD या 3CB-3CD का इस्तेमाल करें।

ओल्ड बनाम न्यू टैक्स रिजीम: 21 नवंबर को ITR भरने से पहले कर लें फैसला

रिटर्न दाखिल करने से पहले यह तय कर लें कि आपके लिए कौन सी टैक्स व्यवस्था सही है। बिना बिजनेस इनकम वाले टैक्सपेयर्स सीधे ITR में ही रिजीम चुन सकते हैं। लेकिन बिजनेस या प्रोफेशन वाले टैक्सपेयर्स को सेक्शन 139(1) की डेडलाइन तक फॉर्म 10-IEA भरना होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी सैलरीड व्यक्ति की सालाना कमाई 12 लाख रुपये है और वह कोई डिडक्शन क्लेम नहीं करता, तो बढ़ी हुई रीबेट के बाद न्यू टैक्स रिजीम में उसे लगभग 20,000 रुपये ही टैक्स देना होगा।

फीचरन्यू टैक्स रिजीम (सेक्शन 115BAC(1A))ओल्ड टैक्स रिजीम
स्टैंडर्ड डिडक्शनसैलरीड और पेंशनभोगियों के लिए ₹75,000सैलरीड और पेंशनभोगियों के लिए ₹50,000
सेक्शन 87A रीबेट₹12,00,000 तक की कमाई पर अधिकतम ₹60,000₹5,00,000 तक की कमाई पर अधिकतम ₹12,500
प्रमुख डिडक्शनसिर्फ 80CCD(2), 80CCH और 80JJAA की छूटचैप्टर VI-A के तहत मिलने वाले ज्यादातर डिडक्शन शामिल

AIS/TDS मिसमैच को कैसे ठीक करें? जानें ई-फाइलिंग का पूरा प्रोसेस

ITR भरने से पहले AIS या टैक्स क्रेडिट में गड़बड़ी को दुरुस्त कर लें। इसके लिए AIS और फॉर्म 26AS डाउनलोड करके डेटा का मिलान करें। अंतर दिखने पर AIS फीडबैक टूल का इस्तेमाल करें या टैक्स काटने वाले से सुधार करवाएं। फाइलिंग की प्रक्रिया काफी आसान है: पोर्टल पर अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) को असाइन करें। CA फाइल अपलोड कर ई-साइन करेगा, जिसके बाद आप आधार OTP, नेट-बैंकिंग या DSC के जरिए इसे एक्सेप्ट और ई-वेरिफाई करें। प्रोसेस पूरा होने पर View Filed Forms सेक्शन से एक्नॉलेजमेंट डाउनलोड कर सकते हैं।

44AD/44ADA बनाम ऑडिट: पेनल्टी और ब्याज से जुड़े जरूरी नियम

अगर आप सेक्शन 44AD के तहत तय सीमा से कम मुनाफा दिखाते हैं और आपकी कुल टैक्सेबल इनकम बेसिक छूट सीमा से ज्यादा है, तो ऑडिट कराना जरूरी हो जाता है। वहीं सेक्शन 44ADA में 50 पर्सेंट से कम मुनाफा दिखाने पर बुक्स ऑफ अकाउंट्स मेंटेन करने होते हैं, और सेक्शन 44AB की शर्तें लागू होने पर ऑडिट कराना पड़ता है। डेडलाइन मिस करने या ऑडिट न कराने पर सेक्शन 271B के तहत पेनल्टी लग सकती है। इसके अलावा, सेक्शन 234A, 234B और 234C के तहत 1 पर्सेंट प्रतिमाह की दर से ब्याज चुकाना पड़ता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+