Sukanya Samriddhi Yojana : रोज के 200 रु से बन सकते हैं 32.8 लाख रु

नयी दिल्ली। बहुत सारी ऐसी सरकारी योजनाएं हैं जिनमें आप बहुत कम पैसे निवेश करके बड़ी राशि हासिल कर सकते हैं। इन योजनाओं में आपको रिटर्न भी शानदार मिलता है। एक ऐसी ही योजना है सुकन्या समृद्धि योजना। यदि आपकी बेटी है और निवेश के मामले में जोखिम लेने की क्षमता कम है तो आपके लिए योजना एक दम सही है। सुकन्या योजना को प्रति वर्ष न्यूनतम 250 रुपये का निवेश करके जारी रखा जा सकता है। सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ बेटी के जन्म के समय से ही लिया जा सकता है। आपको बेटी के जन्म पर सुकन्या धन योजना खाते में निवेश करना शुरू कर देना चाहिए, क्योंकि सुकन्या योजना में निवेश करने की अनुमति तब मिलती है, जब बेटी की उम्र 14 साल हो जाए। क्योंकि शुरुआती निवेश से निवेशक को अधिक राशि निवेश करने में मदद मिलेगी और नतीजे में अधिक कमाई होगी। सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ भारत में किसी भी बैंक में सुकन्या योजना खाता खोलकर लिया जा सकता है।

अनुशासित निवेश योजना

अनुशासित निवेश योजना

बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना एक अनुशासित निवेश योजना है, क्योंकि इसमें से आप बेटी के 18 वर्ष के होने तक निवेश राशि नहीं निकाल सकते। हालांकि यहां कुछ अपवाद हैं। 18 वर्ष की आयु के बाद भी आप बेटी की उच्च शिक्षा के लिए केवल 50 प्रतिशत राशि ही निकाल सकते हैं। बेटी की आयु 21 वर्ष हो जाने पर 100 फीसदी राशि निकाली जा सकती है। लेकिन सुकन्या समृद्धि खाते में निवेश की अनुमति तब ही मिलेगी, जब बेटी 14 साल की हो जाए। बेटी के 18 या 21 साल के हो जाने पर आप पैसे निकाल सकेंगे।

ऐसे बनेंगे 32.8 लाख रुपये

ऐसे बनेंगे 32.8 लाख रुपये

उच्च शिक्षा या लड़की की शादी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना उन निवेशकों के लिए निवेश करने के लिए एक बहुत अच्छी योजना है जिनके पास कम जोखिम लेने की क्षमता है। सुकन्या योजना के कैल्कुलेटर (जो आपको गूगल पर मिल जाएगा) मौजूदा 8.5 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न पर, बेटी की एक वर्ष की आयु से आप उसके के लिए प्रति माह 6,000 रुपये का निवेश करें तो इससे 32,79,000 रु बन जाएंगे। इस अवधि के दौरान आपकी निवेश राशि होगी 9,36,000 रुपये, क्योंकि आपकी बच्ची पहले से ही एक वर्ष की है और आप केवल 13 वर्षों के लिए निवेश कर सकते हैं। तो सुकन्या योजना में आपका शुद्ध लाभ 23,43,000 रुपये है।

बदले हैं योजना के नियम

बदले हैं योजना के नियम

सरकार ने हाल ही में इस योजना में कुछ बदलाव किये हैं। नये नियमों के मुताबिक अगर खाताधारक किसी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि 250 रुपये भी जमा न करे, तो इसे डिफ़ॉल्ट खाते की श्रेणी में डाल दिया जाता है। फिर भी खाते की मैच्योरिटी तिथि तक अगर खाते को चालू न करवाया जाए तो इस तरह के डिफ़ॉल्ट खाते पर योजना के लिए लागू ब्याज दर दी जाएगी। खाते की समय से पहले बंद करने की अनुमति बालिका की मृत्यु या दया के आधार पर दी जाएगी। नये नियमों के अनुसार 18 वर्ष की आयु होने तक बालिका को एसएसवाई खाता संभालने की अनुमति नहीं होगी। पहले ये आयु सीमा 10 साल थी।

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