गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार, 14 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार बंद रहेंगे। इस छुट्टी की वजह से सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) की तारीखें और नेट एसेट वैल्यू (NAV) की कट-ऑफ बदल जाएगी। साथ ही इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की टाइमलाइन और पैसे रिडीम होने की तारीख भी एक दिन आगे खिसक जाएगी। छुट्टी के दिन ऑनलाइन ऑर्डर भले ही लग जाएं, लेकिन उनका एग्जीक्यूशन अगले कारोबारी दिन ही होगा। अगर आप 1 से 7 दिनों के लिए अपना कैश पार्क करना चाहते हैं, तो अभी सही विकल्प चुन लें।
| तारीख | बाजार | वजह |
|---|---|---|
| सोमवार, 14 सितंबर 2026 | NSE और BSE बंद रहेंगे | गणेश चतुर्थी |
छुट्टी के कारण शेयर बाजार, क्लियरिंग हाउस और डिपॉजिटरी का कामकाज बंद रहेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में बैंकों की कई शाखाएं भी बंद रहेंगी। हालांकि, नेट बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी। म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म्स पर आप खरीदारी या रिडेम्पशन की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं, लेकिन उन पर अगले कारोबारी दिन की NAV लागू होगी और पेमेंट भी उसी दिन मिलेगा। चेक क्लियरिंग और फिजिकल मैंडेट का काम एक दिन आगे बढ़ सकता है, इसलिए जहां तक संभव हो डिजिटल मोड का ही इस्तेमाल करें।

14 सितंबर को SIP/NAV टाइमिंग और T+ सेटलमेंट पर क्या पड़ेगा असर?
अगर आपकी एसआईपी (SIP) की तारीख छुट्टी के दिन पड़ रही है, तो यह अपने आप अगले कारोबारी दिन पर शिफ्ट हो जाएगी। बैंक से पैसे कटने और फंड मिलने के बाद आपको उसी दिन की NAV पर यूनिट्स अलॉट होंगी। सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) और सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) पर भी यही नियम लागू होगा। ओवरनाइट और लिक्विड फंड्स में रिडेम्पशन का पैसा आमतौर पर T+1 दिन में खाते में आ जाता है। वहीं अन्य फंड्स में T+2 या T+3 का समय लगता है, जिसमें सोमवार की छुट्टी के कारण एक दिन की और देरी जुड़ जाएगी।
सोमवार की छुट्टी: IPO शेड्यूल और UPI मैंडेट पर असर
बाजार बंद रहने के कारण आईपीओ (IPO) और बायबैक समेत प्राइमरी मार्केट की बिडिंग विंडो बंद रहेगी। हालांकि, ब्रोकर्स आपकी एप्लीकेशन को क्यू (Queue) में ले सकते हैं। रविवार या सोमवार को जनरेट हुए यूपीआई (UPI) मैंडेट को बैंक खुलने के बाद ही अप्रूव किया जा सकेगा। आपकी बिड मंगलवार को एक्सचेंज डेटा सिंक होने के बाद ही मान्य होगी। रिफंड या अनब्लॉक की प्रक्रिया भी पूरे प्रोसेस में एक वर्किंग डे आगे खिसक जाएगी।
1–7 दिनों के लिए कैश पार्क करने के सबसे बेहतर विकल्प: Overnight vs Liquid vs Sweep FD
| विकल्प | अनुमानित रिटर्न (वार्षिक) | पैसे मिलने की स्पीड | मुख्य जोखिम |
|---|---|---|---|
| Overnight fund | 6.5–7.5% | T+0 से T+1 में क्रेडिट | क्रेडिट रिस्क न के बराबर |
| Liquid fund | 7.0–7.8% | T+1; 7 दिनों तक एग्जिट लोड | मार्क-टू-मार्केट; स्लैब के अनुसार एग्जिट लोड |
| Sweep Fixed Deposit (FD) | 4.0–6.5% | बैंकिंग ऑवर्स में तुरंत | स्लैब के मुताबिक दरें; समय से पहले तोड़ने के नियम |
| Regular bank FD | 6.5–7.5% | पेनॉल्टी देकर समय से पहले निकासी | समय से पहले तोड़ने तक पैसा लॉक रहता है |
अगर आपको एक से तीन दिनों के भीतर पैसे की जरूरत है, तो तेजी और स्थिरता के लिए ओवरनाइट फंड्स या स्वीप-इन बैलेंस को तरजीह दें। वहीं चार से सात दिनों के लिए लिक्विड फंड्स का चुनाव तभी करें, जब एग्जिट लोड से आपका मुनाफा प्रभावित न हो रहा हो। अगर आप मंगलवार की NAV पाना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड की खरीदारी आज ही कट-ऑफ टाइम से पहले कर लें। आईपीओ के मामले में, आवेदन करके मैंडेट अप्रूव कर दें, मंगलवार को बिड वैलिड हो जाएगी।


Click it and Unblock the Notifications
